देश में कांग्रेस की हालत किसी से छिपी नहीं है। उसके वरिष्ठ नेता एक-एक करने पार्टी को अलविदा कह रहे हैं। इसी कड़ी में पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद ने भी कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता काफी दिनों से अपनी जिम्मेदारियों के प्रति संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने पार्टी को कई बार आगाह भी किया था कि जो जिम्मेदारियों उन्हें दी गई है वह उनके पार्टी में कद के हिसाब से नहीं है। उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व पर कई सावल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि पार्टी का नया अध्यक्ष भी कठपुतली ही होगा। पार्टी पर सभी बड़े नेताओं को किनारे करने का भी आरोप नबी ने पार्टी पर लगाया है।

गुलाम नबी आजाद ने सोनिया गांधी को अपना 5 पेज का इस्तीफा सौंपा है। इस्तीफे ने गुलाम नबी आजाद ने कहा कि राहुल गांधी ने पार्टी में आतंरिक लोकतंत्र को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। आजाद ने पत्र में कहा कि बीते कुछ सालों में राहुल गांधी ने सीनियर लीडर को दरकिनार कर दिया है। कांग्रेस में इन दिनों राहुल गांधी और सोनिया गांधी की 2 टीम काम कर रही है। राहुल गांधी लगातार पार्टी के संविधान को दरकिनार करते हुए काम कर रहे हैं।

इससे पहले 16 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद को केंद्र शासित प्रदेश में पार्टी की प्रचार समिति का प्रमुख नियुक्त किया, लेकिन आजाद ने प्रस्ताव को ठुकरा दिया। जम्मू और कश्मीर में संगठन में सुधार के तौर पर गांधी ने आज़ाद के करीबी माने जाने वाले विकार रसूल वानी को अपनी जम्मू-कश्मीर इकाई का नया अध्यक्ष नियुक्त किया।