·                  वित्त वर्ष 2022-23 की दूसरी तिमाही में परिचालन से हुई कुल कमाई पिछले वर्ष की समान

                   अवधि के मुकाबले 25.5 फीसदी बढ़ी 

·                  टैक्स के बाद मुनाफा, परिचालन से हुई कुल कमाई का 10.2 फीसदी 

·                  बॉश इंडिया ने नासिक संयंत्र पर मनाया प्रेसिज़न मैन्युफैक्चरिंग के 50 वर्ष पूरे होने का उत्सव 

नई दिल्ली, 9 नवम्बर- टैक्नोलॉजी और सेवाओं की प्रमुख आपूर्तिकर्ता बॉश लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2022-23 की दूसरी तिमाही में परिचालन के दौरान कुल 3,662 करोड़ रुपये की कमाई की जो कोविड-19 महामारी से प्रभावित रही पिछले वर्ष की इसी तिमाही के मुकाबले 25.5 फीसदी ज़्यादा रही। पिछली तिमाही में हुई 3,544 करोड़ रुपये की सर्वाधिक कमाई के मुकाबले भी ज़्यादा रहा। चिप की कमी में हुए सुधार के दम पर कमाई में इज़ाफा हुआ जिससे ऑटो आपूर्ति में व्यापक वृद्धि दर्ज हुई। टैक्स पूर्व मुनाफा 487 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा जो परिचालन से हुई कुल आय का 13.3 फीसदी का है। पिछले वर्ष की समान तिमाही के मुकाबले 22.5 फीसदी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।  

सौमित्र भट्टाचार्य, मैनेजिंग डायरेक्टर, बॉश लिमिटेड एवं प्रेसिडेंट, बॉश ग्रुप इन इंडिया ने कहा, "ऑटोमोटिव बाज़ार में हुए सुधार के दम पर मांग में आई तेज़ी की वजह से इस तिमाही में मज़बूत परफॉर्मेंस देखने को मिली है। हमें टॉपलाइन में जबरदस्त वृद्धि देखने को मिली है और पिछले वर्ष की समान तिमाही में कम बेस के मुकाबले निरंतर मुनाफा दर्ज किया है। इसके अलावा, सेमीकंडक्टर की आपूर्ति आसान हुई है लेकिन आपूर्ति श्रृंखला ईकोसिस्टम में कमज़ोरी बनी रही। बढ़ती लागत समेत इन अनिश्चितताओं के बावजूद हम इस तिमाही में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं।" 

दूसरी तिमाही के प्रदर्शन की जानकारी 

दूसरी तिमाही के दौरान ऑटोमोटिव बाज़ार में कोविड से प्रभावित कम आधार के चलते मज़बूत सालाना वृद्धि देखने को मिली। पावरट्रेन सॉल्यूशंस कारोबार को मज़बूत वृद्धि देखने को मिली जिसकी हिस्सेदारी कुल बिक्री में 60 फीसदी से ज़्यादा है। इससे ऑटोमोटिव बाज़ार की कुल वृद्धि पर असर पड़ा। इसके परिणामस्वरूप ऑटोमोटिव सेगमेंट के उत्पादों की बिक्री में 31.1 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। चिप की कमी की सुधार की वजह से दो-पहिया सेगमेंट की बिक्री में भी 21 फीसदी वृद्धि देखने को मिली। बियॉन्ड मोबिलिटी कारोबार के कुल कारोबार में 7.5 फीसदी की वृद्धि देखने को मिली, इसकी मुख्य वजह सिक्योरिटी सॉल्यूशंस और उपभोक्ता उत्पादों में सतत वृद्धि रही और त्योहारों के सीज़न में मांग में हुई वृद्धि से इसे बल मिला।  

चूंकि बॉश इंडिया 100 वर्षों का उत्सव मना रहा है । साथ ही  मेक इन इंडिया के 50 वर्षों का उत्सव भी मना रहा हैं जिससे नासिक संयंत्र में प्रेसिज़न मैन्युफैक्चरिंग के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का पता चलता है। इस उपलब्धि का उत्सव मनाते हुए भारतीय ग्राहकों के लिए कमर्शियल वाहन बनाने वाले नए कॉमन रेल इंजेक्टर (सीआरआईएन) का उद्घाटन किया गया। बॉश लिमिटेड ने बेंगलुरू में अस्थायी स्टोरेज सेटअप के साथ पायलट हाइड्रोजन इंजन टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर लॉन्च किया है जो बॉश में अपनी तरह का पहला संयंत्र है।  

सौमित्र भट्टाचार्य, मैनेजिंग डायरेक्टर, बॉश लिमिटेड एवं प्रेसिडेंट, बॉश ग्रुप इन इंडिया ने कहा, "हमें खुशी है कि हमने नासिक में घरेलू स्तर पर विकसित सीआरआईएन लाइन की शुरुआत की है, ताकि भारत में कमर्शियल वाहनों के बाज़ार की ज़रूरतों को पूरा किया जा सके जो भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अंतर्गत है। उत्सर्जन के बदलते नियमों को ध्यान में रखते हुए यह लाइन स्थानीय उत्पादन में हमारी हिस्सेदारी बढ़ाएगा।" उन्होंने कहा, "बॉश मोबिलिटी के क्षेत्र में नए जमाने की टैक्नोलॉजी के लिए सिस्टम सॉल्यूशन आपूर्तिकर्ता बनने के लिए तैयार है। हमने बेंगलुरू में अपने अडुगोडी परिसर में बेहतरीन हाइड्रोजन इंजन टेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है। इसके माध्यम से हम हाइड्रोजन इंजन और फ्यूल सेल टैक्नोलॉजी में अपनी क्षमता को विकसित करने और आगे बढ़ने की संभावनाएं देख रहे हैं और भारत में वैकल्पिक ईंधन क्रांति की दिशा में बढ़ रहे हैं।"