सरकार ने चीनी के निर्यात पर लगे प्रतिबंध को अक्टूबर 2023 तक बढ़ा दिया है। घरेलू बाजार में इसकी बढ़ती कीमत को देखते हुए 1 जून 2022 से 31 अक्टूबर 2022 तक चीनी एक्सपोर्ट पर प्रतिबंध लगाया गया था।

कीमतों में यह बढ़ोतरी चीनी के रिकार्ड एक्सपोर्ट के बाद हुई थी। भारत दुनिया का सबसे बड़ा चीनी उत्पादक और ब्राजील के बाद दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक है। बांग्लादेश, इंडोनेशिया, मलेशिया और दुबई भारतीय चीनी के सबसे बड़े खरीदारों में शामिल हैं। तो वही गेहूं के बढ़ते दामों को देखते हुए भारत ने इसके एक्सपोर्ट पर भी बैन लगा दिया था। भारत ने बढ़ती घरेलू कीमतों को नियंत्रित करने के उपायों के तहत गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया गया है।

देश ने बीते साल से भारी मात्रा में चीनी का निर्यात किया जा रहा है। पिछले साल 60 LMT (लाख मीट्रिक टन) तक चीनी निर्यात का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन असल में 70 LMT चीनी एक्सपोर्ट कर दी गई। इसी तरह इस साल भी 82 LMT चीनी शुगर मिल से एक्सपोर्ट की गई। इस साल का चीनी निर्यात अब तक का सबसे ज्यादा माना जा रहा है। 

चीनी एक्सपोर्ट को सीमित करने की सरकार की योजना काफी ज्यादा ऐहतियात वाली लगती है। ऐसा इसलिए क्योंकि चीनी की घरेलू आपूर्ति प्रचुर मात्रा में है। इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन के अनुसार, भारत में इस सीजन में 35 मिलियन टन उत्पादन और 27 मिलियन टन की खपत होने की उम्मीद है। पिछले सीजन के लगभग 8.2 मिलियन टन के भंडार सहित 16 मिलियन का सरप्लस है।