कोयला संकट के चलते ब‍िजली की ड‍िमांड पूरी करने के लिए रेलवे ने  20 द‍िनों तक 1100 यात्री ट्रेनों को कैंस‍िल क‍िया 

कोयला संकट के चलते ब‍िजली की ड‍िमांड पूरी करने के लिए रेलवे ने  20 द‍िनों तक 1100 यात्री ट्रेनों को कैंस‍िल क‍िया 

भीषण गर्मी के चलते देशभर में ब‍िजली की ड‍िमांड बहुत ज्यादा हो गई है. ऐसे में कई राज्‍यों में कोयला की कमी भी आ गई है. इसकी वजह से पावर प्‍लांट्स में ब‍िजली उत्‍पादन की बड़ी समस्‍या पैदा हो सकती है. इस समस्‍या से न‍िपटने के ल‍िए अब रेल मंत्रालय ने अगले 20 द‍िनों तक 1100 यात्री ट्रेनों को कैंस‍िल करने का फैसला क‍िया है ज‍िससे क‍ि कोयला से लदी मालगाड़‍ियों को तेजी से न‍िकाला जा सके.

इस मामले पर रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वीके त्रिपाठी का कहना है कि पिछले साल से कोयले की मांग और खपत में 20 फीसद की ज्‍यादा बढ़ोत्‍तरी दर्ज की गई है. इस साल अप्रैल माह में 2021 अप्रैल की तुलना में 15 फीसद अधिक कोयले का परिवहन किया है. कोयले की मांग और खपत पिछले साल की तुलना में काफी बढ़ गई है. इसलिए अधिक मात्रा में कोयले का परिवहन कर रहे हैं.

उन्‍होंने कहा क‍ि मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की तुलना में अतिरिक्त कोयला रेक और उच्च प्राथमिकता पर संचालित कर रहे हैं. वहीं इस मसले पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह का भी मानना है क‍ि कई राज्यों में कोयले की कमी है. उन्होंने कहा था कि रूस यूक्रेन युद्ध के चलते कोयले के आयात पर असर पड़ा है. इसके अलावा बताया जा रहा है कि झारखंड

अगले 20 दिनों तक रेलवे की ओर से कैंस‍िल की जा रही 1100 ट्रेनों की वजह से यात्री समेत व्यापारी भी बेहद परेशान होंगे. रेलवे ने कोयले संकट से न‍िपटने को लेकर ऐसा फैसला क‍िया है. रेलवे का मानना है क‍ि 15 फीसद अतिरिक्त कोयले का परिवहन क‍िया जा रहा है. इसको लेकर अब रेलवे ने अगले 20 दिनों तक करीब 1100 ट्रेनें रद्द करने का फैसला लिया है. इन ट्रेनों में मेल एक्सप्रेस और पैसेंजर दोनों तरह की ट्रेनें शामिल की गई हैं.

बताते चलें क‍ि उत्तर प्रदेश, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओड़िशा समेत कई राज्यों में कोयले संकट की वजह से बिजली समस्या पैदा हो गई थी. इसके बाद केंद्र सरकार ने कई मीट‍िंग्‍स की हैं. कई राज्यों में बिजली कटौती भी की गई जिसके चलते लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा है.

इस तरह की समस्‍या सामने आने पर रेलवे की ओर से पहले भी इस तरह का फैसला ल‍िया जा चुका है. रेलवे की ओर से इससे पहले भी अगले एक महीने तक 670 पैसेंजर ट्रेनों को रद्द कर दिया है. ताकि कोयला ले जा रही माल गाड़ियों के फेरों को बढ़ाया जा सके.

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