फिर लगने वाला है महंगाई का झटका, 10% तक महंगे हो सकते है AC, रेफ्रिजरेटर और TV, जानिए क्या है वजह
| Updated: May 6, 2022, 07:14 IST
एक बार फिर से लोगों को महंगाई का झटका लगने वाला है. AC, रेफ्रिजरेटर और TV इस गर्मी 10% तक महंगे हो सकते हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह कंपोनेंट सप्लाई की कमी होना है. इसके अलावा फ्रेट कंटेनर के जरूरी पोर्ट पर फंसने की वजह से भी मैन्युफैक्चरर को कंपोनेंट की कमी हो रही है. Kodak, Thomson और Blaupunkt के स्मार्ट टीवी को मैन्युफैक्चर करने वाली कंपनी सुपरप्लास्टरोनिक्स के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर अवनीत सिंह मारवाह ने बताया कि ज्यादा डिमांड और सप्लाई की कमी वजह से बड़े TV सेट्स की कमी अभी से हो गई है.
उन्होंने बताया कि 65-इंच मॉडल अभी से खत्म हो गए हैं. गोदरेज एप्लायंसेज के बिजनेस हेड और एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट कमल नंदी ने बताया कि रेफ्रिजरेटर और एयर कंडीशनर मार्केट कंपोनेंट शॉर्ट सप्लाई से इसलिए भी प्रभावित हो रहा है क्योंकि शिपमेंट कंटेनर्स चीन के कई पोर्ट्स पर फंसे हुए हैं. कमल नंदी ने ये भी बताया कि पड़ोसी देशों में लगे लॉकडाउन की वजह से भी सप्लाई प्रभावित हो रहा है.
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस साल गर्मी बढ़ने से कूलिंग प्रोडक्ट्स की डिमांड 10 से 30 % तक बढ़ी है. कंप्रेसर और चिपसेट्स जैसे कंपोनेंट्स की कमी की वजह से एक बार फिर से 5 से 10 % तक प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ सकते हैं. मैटेरियल की कीमत बढ़ने से इस इंडस्ट्री में 7 से 10 % तक हाइक देखा जा चुका है.विडोट्रॉनिक्स के सीईओ अर्जुन बजाज ने बताया कि कॉपर और एल्यूमीनियम जैसे मेटल्स की कीमतों में भी इजाफा हुआ है. इसके अलावा प्लास्टिक भी महंगे हुए हैं. करेंसी एक्सचेंज रेट्स बढ़ने से भी कीमतें बढ़ी हैं.
उन्होंने बताया कि 65-इंच मॉडल अभी से खत्म हो गए हैं. गोदरेज एप्लायंसेज के बिजनेस हेड और एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट कमल नंदी ने बताया कि रेफ्रिजरेटर और एयर कंडीशनर मार्केट कंपोनेंट शॉर्ट सप्लाई से इसलिए भी प्रभावित हो रहा है क्योंकि शिपमेंट कंटेनर्स चीन के कई पोर्ट्स पर फंसे हुए हैं. कमल नंदी ने ये भी बताया कि पड़ोसी देशों में लगे लॉकडाउन की वजह से भी सप्लाई प्रभावित हो रहा है.
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस साल गर्मी बढ़ने से कूलिंग प्रोडक्ट्स की डिमांड 10 से 30 % तक बढ़ी है. कंप्रेसर और चिपसेट्स जैसे कंपोनेंट्स की कमी की वजह से एक बार फिर से 5 से 10 % तक प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ सकते हैं. मैटेरियल की कीमत बढ़ने से इस इंडस्ट्री में 7 से 10 % तक हाइक देखा जा चुका है.विडोट्रॉनिक्स के सीईओ अर्जुन बजाज ने बताया कि कॉपर और एल्यूमीनियम जैसे मेटल्स की कीमतों में भी इजाफा हुआ है. इसके अलावा प्लास्टिक भी महंगे हुए हैं. करेंसी एक्सचेंज रेट्स बढ़ने से भी कीमतें बढ़ी हैं.

