विधायक जिग्नेश मेवाणी को कोर्ट ने पांच दिन की पुलिस रिमांड में भेजा, नहीं मिली जमानत

विधायक जिग्नेश मेवाणी को कोर्ट ने पांच दिन की पुलिस रिमांड में भेजा, नहीं मिली जमानत

गुजरात के बडगाम से निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी की जमानत अर्जी असम के बारपेटा की अदालत ने खारिज कर दी है। पुलिसकर्मी के साथ मारपीट के आरोप में गिरफ्तार मेवाणी को कोर्ट ने पांच दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया है।

मंगलवार को असम पुलिस ने बारपेटा जिले की एक स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से उनको पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

जिग्नेश मेवाणी को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में कथित तौर पर आपत्तिजनक ट्वीट करने को लेकर 20 अप्रैल को असम पुलिस ने गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में सोमवार को मेवाणी को जमानत मिल गई थी। जमानत मिलते ही पुलिस ने उनको पुलिसकर्मी से मारपीट के एक मामले में फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। मेवाणी के वकील अंगशुमान बोरा ने बताया कि दूसरी गिरफ्तारी पहले मामले में जमानत दिए जाने के आधे घंटे के अंदर कर ली गई। इस मामले में अब उनको पांच दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेजा गया है।

 बारपेटा रोड थाने में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार कथित घटना उस समय हुई जब महिला अधिकारी 21 अप्रैल को एक सरकारी वाहन में दलित नेता को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पनेसर और एक अन्य अधिकारी के साथ गुवाहाटी हवाई अड्डे से कोकराझार ले जा रही थीं।

असम पुलिस ने कहा कि संबंधित अधिकारी ने मेवाणी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके आधार पर उनके खिलाफ लोक सेवक को कर्तव्य का निर्वहन करने से रोकने, जानबूझकर चोट पहुंचाने आदि के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। 

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