हिमाचल घूमने गए भाई-बहन और उनके परिवारों की लौटते समय कार दुर्घटनाग्रस्त होकर नहर में गिरी, 7 लोगों की हुई मौत

 हिमाचल घूमने गए भाई-बहन और उनके परिवारों की लौटते समय कार दुर्घटनाग्रस्त होकर नहर में गिरी, 7 लोगों की हुई मौत

राजस्थान के सीकर जिले से हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) घूमने गए भाई-बहन और उनके परिवारों की लौटते समय कार पंजाब में दुर्घटनाग्रस्त होकर नहर में गिर गई. इससे दोनों परिवारों के सभी सात लोगों की मौत हो गई. नहर से पांच लोगों के शव बरामद कर लिये गये हैं.

दो बच्चे अभी तक नहीं मिले हैं. मृतकों में शामिल डॉक्टर सतीश पूनिया सीकर के रींगस के सरकारी अस्पताल में कार्यरत थे. हादसे में पूनिया की पत्नी, दो बच्चे और साला तथा उसकी पत्नी व उनका एक बच्ची शामिल हैं. हादसे के बारे में जिसने भी वह सन्न रह गया. मृतकों के शव आज सीकर लाये जायेंगे. बाद में यहां उनका अंतिम संस्कार किया जायेगा.

जानकारी के अनुसार सीकर जिले के रींगस कस्बे के राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत डा.सतीश पूनिया और अपने और साले के परिवार के साथ पांच दिन हिमाचल प्रदेश घूमने गये थे. इनमें डॉ. सतीश पूनिया की पत्नी सरिता पूनिया, पुत्र दक्ष, पुत्री गुड़िया, साला राजेश देवंदा, उसकी पत्नी और उनकी बेटी शामिल थे. ये लोग कार से हिमाचल प्रदेश गये थे.

पुल की रेलिंग तोड़ते हुए नहर में जा गिरी कार

सोमवार को वहां से वापस लौटते समय पंजाब में रूपनगर के घनौली में ओवरटेक के दौरान एक निजी बस ने उनकी कार को टक्कर मार दी. बस से टक्कर के बाद कार अनियंत्रित होकर पुल की रेलिंग तोड़ते हुए नहर में जा गिरी. सूचना पर स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करवाया. पंजाब पुलिस ने रेस्क्यू टीम के गोताखोरों की मदद से बड़ी मुश्किल से कार को नहर से बाहर निकाला.

पांच दिन पहले हंसी खुशी घूमने निकले थे

हादसे में सभी लोग मारे गये. सोमवार रात तक नहर से 5 शव बरामद किये चुके थे. वहीं दो बच्चों की नहर में तलाश जारी थी. डॉ. सतीश पूनिया और परिवार के अन्य सदस्य 5 दिन पहले हंसी खुशी गर्मियों में घूमने के लिए निकले थे. हादसे की सूचना मिलते ही रींगस कस्बे के राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और डॉ. पूनिया के गांव ठीकरिया में मातम छा गया. हर कोई इस हादसे की जानकारी मिलने के बाद स्तब्ध रह गया.

मृतकों के परिवार में मचा कोहराम

डॉ. पूनिया की पत्नी सरिता पूनिया भी सरकारी टीचर थी. उनका साला राजेश देवंदा सीकर और जयपुर जिले की सीमावर्ती इलाके में स्थित मूंगा वाली नांगल ढोढसर का रहने वाला था. हादसे की सूचना पर उनके गांव में भी मातम पसर गया. हादसे के शिकार हुये लोगों के शव आज सीकर लाये जायेंगे. घटना के बाद हताहतों के परिवार में कोहराम मचा हुआ है. ग्रामीण उनको ढांढस बंधाने में जुटे हैं

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