नई दिल्‍ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में आतंकी फंडिंग रोकने को भारत में पहली बार होगा विश्वस्तरीय सम्मेलन होगा. पीएम इस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे, जबकि गृहमंत्री अमित शाह इस बैठक के अंतिम सत्र को संबोधित करेंगे.

दिल्ली के ताज पैलेस होटल में हो रहे इस विश्वस्तरीय सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 नवंबर को करेंगे.

इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय के सेक्रेटरी वेस्ट प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने के लिए कहा है. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत टेरर फंडिंग पर लगाम लगाने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी देगा.

जहां 18 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस विश्वस्तरीय सम्मेलन को संबोधित करेंगे, तो वहीं, 19 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समापन समारोह को ताज पैलेस होटल में शाम 5:00 बजे अलग-अलग देशों से आए प्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे.

सम्मेलन का एजेंडा क्या-क्‍या होगा

1. आतंक पर हो रही विदेशी फंडिंग पर लगाम लगाने के लिए उठाये जाएंगे कदम. विदेशी फंडिंग के रूटों की तलाह में आपसी सहयोग और पारदर्शी तरीके से एजेंसियां मुहैया कराएंगी जानकारी.

2. विश्व में आतंकी संगठनों के द्वारा मनी लांड्रिंग के बदलते तरीकों पर सभी एजेंसियां एकजुट होकर जानकारी हासिल करें जिससे मनी लांड्रिंग के रूट तक पहुंचा जा सके.

3.आतंकी फंडिंग में क्रिप्टो करेंसी के इस्तेमाल और क्राउडफंडिंग के तरीकों पर लगाम लगाने के लिए इस सम्मेलन में विश्व की जांच एजेंसियों के बीच होगी चर्चा. साथ ही इंफॉर्मेशन आदान-प्रदान पर रहेगा जोर, यही नहीं एजेंसियां डार्कवेब के जरिए हो रही आतंकी फंडिंग पर भी कड़ी निगरानी रखेंगी जिस पर सभी एजेंसियों के बीच सहमति बनाने का भारत का रहेगा जोर.

4. आतंकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए फंडिंग इकट्ठा करने में जुटे रहते हैं उस पर लगाम लगाने की रणनीति पर भी इस विश्वस्तरीय कॉन्फ्रेंस में चर्चा होगी.

5. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर एक समान वैश्विक कानून के दायरे में हों ताकि फर्जी तरीके से की जा रही टेरर फंडिंग को रोका जा सके और इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर की सही जानकारी देशों के पास रहे जिससे कि वह ऐसे आतंकी फंडिंग करने वाले लोगों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई कर सकें.

6. कट्टरवाद और जेहाद को फैलाने वाले आतंकी संगठनों पर समय रहते एक्शन हो इसके लिए भारत का जोर रहेगा कि वह सभी देशों को इस सम्मेलन के माध्यम से एकजुट करें.

7. इस सम्मेलन में भारत के पड़ोसी देशों में आइ स्थिर चल रही राजनीतिक परिस्थिति और उसके द्वारा जन में आतंकवाद पर भी चर्चा होगी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अफगानिस्तान और पाकिस्तान में समय-समय पर जो राजनीतिक उथल-पुथल होती है उसका फायदा आतंकी संगठन उठाते हैं.

8. आतंकी और खालिस्तानी गतिविधियों का फायदा उठा कर विदेशों में बैठे ऐसे लोग जो आतंकी फंडिंग करते हैं उन पर कड़ी निगरानी रखने का भी इस कॉन्फ्रेंस में होगी बड़ी चर्चा जानकारी के मुताबिक सिख फॉर जस्टिस जैसे खालिस्तानी संगठन कनाडा अमेरिका जर्मनी ब्रिटेन में रहकर भारत के खिलाफ फर्जी प्रोपेगेंडा फैलाते हैं ऐसे संगठनों पर भी नकेल कसने की है तैयारी.

9. टेरर फाइनेंसिंग पर लगाम लगाने के लिए निजी भागीदारी का भी सहयोग लेने पर चल रहा है विचार इस पर इस तरीके से एजेंसियां बढ़ा सकती हैं कदम उस पर होगी बड़ी चर्चा.

10. सभी देश फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (FIU) पर बेहतर तरीके से मजबूत करने को लेकर जोड़ दें सम्मेलन में इस बात पर रहेगी बड़ी नजर