प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन का आज सुबह तड़के अहमदाबाद के अस्पताल में निधन हो गया। हीराबेन 100 साल की थीं। हीराबेन की बुधवार को तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अहमदाबाद के यूएन मेहता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां आज उन्होंने आखिरी सांस ली।

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हीराबेन के निधन की सूचना जैसे ही सामने आई, लोग मायूस हो गए। बड़ी संख्या में लोग हीराबेन के अंतिम संस्कार में शामिल होना चाह रहे थे। पार्टी और सरकार से जुड़े लोग अपने-अपने कार्यक्रमों को रद्द करने का प्लान कर रहे थे, लेकिन इससे पहले ही प्रधानमंत्री कार्यालय ने साफ कर दिया कि कोई भी अपने कार्यक्रम रद्द नहीं करेगा। सभी लोग अपना-अपना काम करें। बताया जाता है कि पार्टी की तरफ से भी कार्यकर्ताओं को सूचना दी गई कि कोई भी गांधीनगर न पहुंचे। सब लोग अपना पूर्व निर्धारित काम करें।

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मतलब पहले ही कार्यकर्ताओं और समर्थकों को ये संदेश जा चुका था कि प्रधानमंत्री की मां का अंतिम संस्कार बेहद सादगी से होगा। हुआ भी ऐसा ही। गांधीनगर स्थित पीएम मोदी की मां के घर से लेकर श्मशाम घाट तक 100 से भी कम लोग दिखे। हालांकि, इसमें एक नेता को देख हर कोई चौंक गया। आइए जानते हैं कि कौन-कौन अंतिम संस्कार में शामिल हुआ?

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हीराबेन की अंतिम संस्कार में पीएम मोदी के परिवार के सभी सदस्य और करीबी लोग ही शामिल हुए। इसमें पीएम मोदी के सभी भाई, परिवार के अन्य सदस्यों के अलावा गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, गुजरात भाजपा के अध्यक्ष सीआर पाटिल भी मौजूद रहे।

पिछले कुछ समय से लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमलावर रहे शंकर सिंह वाघेला भी हीराबेन के अंतिम संस्कार में पहुंचे। मुखाग्नि के वक्त भी शंकर सिंह वाघेला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही दिखे। बताया जाता है कि राजनीतिक तौर पर भले ही वाघेला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध में रहते हैं, लेकिन उनका पुराना घरेलू संबंध भी है। हीराबेन के अंतिम संस्कार में उद्योगपति गौतम अदाणी भी पहुंचे।