केरल के स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को बताया कि त्रिसूर में शनिवार को 22 साल के युवक की मौत मंकीपॉक्स के कारण हुई थी। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजे गए सैंपल से इसकी पुष्टि हुई है, जिसके साथ ही भारत में मंकीपॉक्स से पहली मौत दर्ज कर ली गई।

युवक के 22 जुलाई को केरल पहुंचने के बाद उसे 27 जुलाई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार को युवक की मौत के बाद उसके परिजनों ने यूएई में हुई जांच की रिपोर्ट अस्पताल को सौंपी। इसके बाद फिर से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए थे। जांच में मंकीपॉक्स की पुष्टि हुई।  

मंकीपॉक्स से जान गंवाने वाला व्यक्ति केरल के पुन्नयूर गांव का रहने वाला था। गांव का दौरा करने पहुंची शिक्षा और स्वास्थ्य स्थायी समिति की सदस्य रेंजिनी ने बताया कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। अभी यहां किसी प्रकार के दहशत की बात नहीं है। मृत व्यक्ति परिवार के सदस्यों तथा कुछ दोस्तों सहित कुल 10 लोगों के सीधा संपर्क में आया था। अब तक 20 लोगों को क्वारंटीन किया गया है। रेंजिनी ने बताया कि हालात पर नजर रखी जा रही है। चिंता की बात नहीं है।

मंकीपॉक्स के मरीजों और उनके संपर्क में आए लोगों के लिए केंद्र सरकार के निर्देश के मुताबिक, 21 दिन का क्वारंटाइन, मास्क पहने रहना, बार-बार हाथ साफ करना, जख्मों को पूरी तरह से ढककर रखना और उसके पूरी तरह से ठीक होने का इंतजार करना शामिल है।