ट्विन टावर को आज दोपहर 2:30 बजे जमींदोज कर दिया गया।  मुंबई की कंपनी एडिफिस इंजीनियरिंग और दक्षिण अफ्रीकी सहयोगी जेट डिमोलिशन ने दोनों टॉवरों के ध्वस्तीकरण का काम पूरा किया। 32 मंजिला एपेक्स (100 मीटर) व 29 मंजिला सियान (97 मीटर) टॉवर में 3700 किलोग्राम विस्फोटक लगाकर तारों से जोड़ दिया गया था। मुख्य तार को एक बटन से जोड़ दिया गया, जिसे 100m दूर से प्रेस करने के साथ ही ब्लास्ट हुआ और ट्विन टॉवर्स 12 सेकेंड में जमींदोज हो गए। इस दौरान एहतियात के तौर पर आसपास की सड़कों को बंद रखा गया। पूरे इलाके को नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया था। 3700 किलोग्राम बारूद ने इन दोनों इमारतों को ध्वस्त कर दिया, इसके लिए इमारतों में 9,640 छेद कर ये बारूद भरा गया था। देखते ही देखते मात्र 12 सेकेंड में कुतुबमिनार से सात-आठ मीटर ऊंची इमारत को मलबे के ढेर में बदल दिया गया| इसी के साथ भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार करते हुए सुपरटेक नोएडा ट्विन टावर को इतिहास में दर्ज कर दिया. सुपरटेक ट्विन टावर्स को गिराने में करीब 17.55 करोड रुपये का खर्च आने का अनुमान है।