मेलबर्न। टी20 क्रिकेट विश्वकप का फाइनल मुकाबला आज (रविवार, 13 नवंबर) को मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में खेला जा रहा है। इंग्लैंड ने पाकिस्तान के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पाकिस्तान ने 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 137 रन बनाए। शान मसूद ने सबसे ज्यादा 38 रन की पारी खेली। उन्होंने 28 बॉल का सामना किया। वहीं, बाबर आजम के बल्ले से 28 बॉल में 32 रन निकले। इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा 3 विकेट सैम करन ने लिए। वहीं, आदिल रशीद को 2 सफलता मिली।

इंग्लैंड ने भारत और पाकिस्तान ने न्यूजीलैंड को हराकर फाइनल में एंट्री मारी थी। हालांकि, क्रिकेट के रोमांच पर मौसम भारी पड़ते नजर आ रहा है। मेलबर्न में 80% बारिश की संभावना है। हालांकि, फिलहाल मौसम साफ है। 

मेलबर्न की पिच पर गेंदबाजों को बाउंस और रफ्तार दोनों मिलती है, हालांकि शुरुआती ओवर्स निकल जाने के बाद बल्लेबाज थोड़े सहज हो जाते हैं। 160 रन का लक्ष्य चुनौतीपूर्ण हो सकता है। वहीं, बात मौसम की करें तो आसमान में बादल छाए रहेंगे और बारिश की आशंका जताई गई है।

मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार फाइनल में रविवार और सोमवार को ‘रिजर्व डे’ (सुरक्षित दिन) पर बारिश का साया मंडरा रहा है। सामान्य टी20 मैच में न्यूनतम पांच ओवर का मुकाबला कराया जा सकता है लेकिन विश्व कप में तकनीकी समिति ने प्रत्येक टीम के लिए न्यूनतम 10 ओवर का प्रावधान रखा है जिसमें अगर जरूरत पड़ी तो ‘रिजर्व डे’ पर मैच जल्दी शुरू होगा।

गर दोनों टीमों की बल्लेबाजी इकाई को देखा जाए तो इंग्लैंड में हेल्स, बटलर, स्टोक्स, मलान, हैरी ब्रुक, मोईन अली और लियाम लिविंगस्टोन शामिल हैं जो कागज पर पाकिस्तान के रिजवान, बाबर, शान मसूद, मोहम्मद हारिस और इफ्तिखार अहमद के खिलाफ काफी मजबूत दिखते हैं। लेकिन बड़े मैचों में हमेशा बड़े नाम ही मायने नहीं रखते बल्कि मानसिकता और जज्बा लक्ष्य तक पहुंचाने में अहम होता है।

उधर, इंग्लैंड की टीम का भी इसी ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर इतिहास जुड़ा हुआ है। सात साल पहले यहीं पर इंग्लैंड का सफेद गेंद का क्रिकेट तार तार हुआ था जब बांग्लादेश ने उन्हें ग्रुप चरण में टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था। इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट (ईसीबी) की तमाम कोशिशों के बाद ही उनके सफेद गेंद के क्रिकेट में बदलाव शुरू हुआ जिससे टीम के खिलाड़ियों के जज्बे में बदलाव आया। भारत के खिलाफ गुरुवार को सेमीफाइनल में उनका यही निडर रवैया साफ देखने को मिला। इंग्लैंड के जोस बटलर, एलेक्स हेल्स, बेन स्टोक्स और मोईन अली जैसे धुरंधरों को पीछे छोड़ने के लिए शाहीन शाह अफरीदी, मोहम्मद वसीम जूनियर और हारिस रऊफ को प्रेरणादायी जज्बे से अधिक बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

इससे पहले 1992 वनडे वर्ल्ड कप में पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच फाइनल खेला गया था। उस वक्त इमरान खान की कप्तानी में पाकिस्तान ने विश्व कप जीता था। वो टूर्नामेंट भी ऑस्ट्रेलिया में खेला गया था।