भारतीय क्रिकेट टीम की बेंच स्ट्रेंग्थ काफी मजबूत है. टीम इंडिया के पास एक स्थान के लिए कई सारे विकल्प हैं, हालांकि हर किसी को मौका नहीं मिल पाता. कुछ खिलाड़ी ऐसे होते हैं जो टीम के दरवाजे पर दस्तक दे रहे होते हैं लेकिन मौका नहीं मिलता.

गुजरात के प्रियंक पांचाल उन्हीं खिलाड़ियों में से एक हैं जो घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार खेल दिखा टीम इंडिया के दरवाजे पर दस्तक दे रहे हैं लेकिन उन्हें एंट्री नहीं मिल रही है. पांचाल ने एक बार फिर बेहतरीन पारी खेली है.

पांचाल को कई बार भारत की टेस्ट टीम में बतौर सलामी बल्लेबाज खिलाने की चर्चा हुई लेकिन उन्हें डेब्यू करने का मौका नहीं मिला. पांचाल बावजूद इसके घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा कर रहे हैं. एक बार फिर उनका बल्ला चला है और उन्होंने शनिवार को विजय हजारे ट्ऱ़ॉफी में शतक जमाया है.

पांचाल ने फिर खींचा चयनकर्ताओं का ध्यान

पांचाल ने शनिवार को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में भारत के घरेलू 50 ओवरों के टूर्नामेंट विजय हजारे ट्रॉफी में मणिपुर के खिलाफ शतक जमाया है. पांचाल ने 136 रनों की पारी खेली है और इतने रन बनाने के लिए उन्होंने इतने ही गेंदें ली हैं. अपनी इस पारी में पांचाल ने 10 चौके और तीन छक्के मारे हैं. उनकी इस शतकीय पारी के दम पर गुजरात ने पहले बल्लेबाजी करते हुए छह विकेट खोकर 337 रन बनाए.

पांचाल के अलावा गुजरात के लिए भार्गव मेरई और सौरव चौहान ने भी अर्धशतक जमाए हैं. मेरई ने 63 गेंदों का सामना करते हुए 56 रनों की पारी खेली है. वहीं सौरव ने 64 रनों की पारी खेली. सौरव ने 41 गेंदों का सामना किया और छह चौके के अलावा दो छक्के मारे.

साउथ अफ्रीका में नहीं मिला मौका

इसी साल की शुरुआत में भारतीय टीम जब साउथ अफ्रीका गई थी तब टीम के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा चोटिल हो गए थे और साउथ अफ्रीका दौरे पर जा नहीं पाए थे. उनकी जगह पांचाल को टीम में शामिल किया गया था लेकिन उन्हें प्लेइंग-11 में मौका नहीं मिला था. इससे पहले हालांकि वह इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई चार मैचों की सीरीज में भी टीम इंडिया का हिस्सा थे और रिजर्व ओपनर के तौर पर चुने गए थे लेकिन बेंच पर ही बैठे थे.वह कई बार इंडिया-ए की कप्तानी कर चुके हैं. गुजरात के लिए खेलते हुए उन्होंने लगातार रन किए. वह 100 फर्स्ट क्लास मैच खेल चुके हैं.