पिछले कुछ समय से यह देखने में आया है कि BJP जब भी कोई बड़े स्तर पर मीटिंग करती है तो उसमें कल्याणकारी योजनाओं पर फोकस जरूर होता है. पीएम मोदी अपने भाषण में भी अक्सर कल्याणकारी योजनाओं का पूर्ण कवरेज सुनिश्चित करने पर ध्यान देते हैं.

पिछले महीने बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों के साथ बैठक हुई थी, जिसमें पीएम मोदी ने कारोबारी माहौल को बढ़ावा देने को कहा था. चार घंटे से अधिक समय तक हुई इस बैठक में 18 राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों ने भाग लिया था. इस मौके पर भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा भी मौजूद थे. तब भाजपा ने एक बयान में कहा था कि पीएम मोदी ने गतिशक्ति, हर घर जल, स्वामित्व, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) जैसी सरकार की कुछ प्रमुख योजनाओं और पहल के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर दिया.

PM मोदी ने सरकार की कई पहल का किया उल्लेख

प्रधानमंत्री मोदी  नरेंद्र ने सभी प्रमुख योजनाओं का अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि भाजपा शासित राज्यों को इस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए.’ व्यापार में सुगमता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने अपनी सरकार द्वारा की गई कई पहल का उल्लेख किया था. मोदी ने मुख्यमंत्रियों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि उनके राज्य खेलों को उचित महत्व दें और बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी और जुड़ाव को प्रोत्साहित करने के लिए सर्वोत्तम सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें.

बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव तथा पार्टी के सुशासन प्रकोष्ठ के प्रमुख विनय सहस्रबुद्धे भी शामिल हुए थो. सूत्रों ने कहा कि 18 राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों ने केंद्र प्रायोजित सभी कल्याणकारी योजनाओं और प्रमुख कार्यक्रमों के 100 प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त करने पर विचार-विमर्श किया गया. इन राज्यों में भाजपा अपने बलबूते या अन्य दलों के साथ गठबंधन में सत्ता में है.

बैठक में इन मुख्यमंत्रियों ने लिया था हिस्सा

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, MP के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा भी बैठक में शामिल हुए. नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो, कर्नाटक के मुख्यमंत्री Basavaraj Bommai, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भी बैठक में मौजूद थे. बैठक में महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस और बिहार से तारकिशोर प्रसाद तथा रेणु देवी सहित कई उपमुख्यमंत्री भी शामिल हुए थे.