Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के तहत सिहावा में आज आयोजित कार्यक्रम में 72 करोड़ 56 लाख 20 हजार रुपए के 106 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

इनमें 16 करोड़ 54 लाख 29 हजार रुपए के 37 विकास कार्यों का लोकार्पण और 56 करोड़ 01 लाख 91 हजार रुपए के 69 विकास कार्यों का शिलान्यास शामिल है।

मुख्यमंत्री भूपेश द्वारा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग धमतरी के 03 कार्य, स्कूल शिक्षा विभाग, नगर पंचायत भैंसमुंडी मगरलोड एवं वन विभाग के 01-01 कार्य,नगर पंचायत नगरी के 26 कार्य, नगर पंचायत नगरी एवं कृषि उपज मंडी नगरी के 02-02 कार्य तथा स्वास्थ्य विभाग के 01 कार्य लोकार्पण किया गया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा 69 विकास कार्यों की आधारशिला भी रखी गई, इनमें लोकनिर्माण विभाग के 02 कार्य, गृहनिर्माण मंडल धमतरी के 06 कार्य, जलसंसाधन संभाग धमतरी के 08 कार्य, छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल के 02 कार्य, उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के 11 कार्य, नगरपंचायत नगरी के 25 कार्य, उप संचालक कृषि के 03 कार्य, कृषि उपज मंडी समिति नगरी के 06 कार्य, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग धमतरी के 01 कार्य,नगर पंचायत मगरलोड के 04 कार्य और स्वास्थ्य विभाग के 01 कार्य शामिल हैं, जिनका शिलान्यास किया गया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सिहावा स्थित रेस्ट हाउस में जिला स्तर के अधिकारियों की बैठक लेकर योजनाओं एवं विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने जीआईएस आधारित जिला जल संरक्षण योजना का लैपटॉप पर बटन के साथ शुभारंभ किया।

जिला विज्ञान एवं सूचना अधिकारी ने बताया कि जल संसाधनों को संरक्षित करने और कृषि कार्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिले के परंपरागत जल स्रोतों के संरक्षण, संवर्धन और नवीनीकरण के लिए जिला प्रशासन द्वारा जलशक्ति अभियान के तहत यह योजना तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि योजनांतर्गत वर्ष 2021-22 में वर्षा जल संचयन 878 कार्य, पारम्परिक जल स्त्रोतों का जीर्णोद्धार के 733 कार्य, नवीनीकरण और पुनर्भरण संरचना के 145, वाटरशेड विकास के 728, सघन वृक्षारोपण के 1.58 लाख पौधे रोपे गए। इसके अलावा जल स्रोतों की गणना एवं उनका जियो टैगिंग कार्य 19 एक हज़ार 740 किया गया है। इसके अलावा जल स्रोतों की जानकारी पोर्टल में शत-प्रतिशत अपलोड कर दी गई है। मुख्यमंत्री बघेल ने इस पहल के लिए जिला प्रशासन को बधाई दी।