Raipur: छत्तीसगढ़ कोयला लेवी घोटाला में हुए मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही ईडी ने शुक्रवार को आईएएस अधिकारी अनबलगन पी के ठिकानों और अन्य जगहों पर छापेमारी की।

छापेमारी कर रही ईडी की टीम की सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ के जवान तैनात किए गए थे। छापेमारी के दौरान जल संसाधन विभाग, पर्यटन और संस्कृति विभाग के सचिव अनबलगन पी से जुड़े ठिकानों की तलाशी ली गई। अनबलगन 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने खनिज संसाधन विभाग के सचिव के रूप में काम किया था। उनकी पत्नी अलरमेलमंगई डी भी आईएएस अधिकारी हैं। वह शहरी प्रशासन और विकास विभाग और वित्त विभाग के सचिव हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार में वह भूविज्ञान और खनन विभाग में निदेशक थीं।

ईडी के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ नेताओं, कारोबारियों और कोयला व्यापारियों के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई है। ईडी ने पिछले साल अक्टूबर में एक अन्य आईएएस अधिकारी समीर विश्नोई और अन्य कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। ईडी ने आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ में 25 रुपए प्रति टन कोयला की दर से अवैध वसूली की जा रही थी।

सरकार के वरिष्ठ नौकरशाहों, व्यापारियों, राजनेताओं और बिचौलियों का गठजोड़ इस घोटाले में शामिल था। इस मामले में अब तक मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के डिप्टी सेक्रेटरी सौम्या चौरसिया, समीर विश्नोई, कोयला व्यापारी सूर्यकांत तिवारी, उनके चाचा लक्ष्मीकांत तिवारी और एक अन्य कोयला व्यवसायी सुनील अग्रवाल को गिरफ्तार किया है।