छत्तीसगढ़ के बिलासपुर की भिलाई की प्रियंका की निर्मम हत्या के बाद अब उसके घर में चारों ओर सन्नाटा पसरा हुआ है. मोहल्ले में मातम छाया हुआ है.

यह होना भी संभव है, क्योंकि प्रियंका सभी की चहेती थी. प्रियंका ने कई सपने संजोए थे, लेकिन उसकी हत्या कर दी गई. घटना के बाद से ना सिर्फ परिवार, बल्कि संपूर्ण भिलाई में रोष व्याप्त है.

किसे पता था कि कलेक्टर बन कर सरकारी गाड़ी में चलने का सपना लिए घर से बिलासपुर में पीएससी की तैयारी के लिए गई प्रियंका की डेथ बॉडी वापस लौटेगी. प्रियंका के भिलाई सेक्टर 7 स्थित निवास में लोग शोक संवेदना के लिए पहुंच रहे है.

मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाली प्रियंका सुविधाओं के आभाव में जरूर पली बढ़ी, लेकिन पढ़ाई-लिखाई में वो हमेशा अव्वल रही. उसकी माँ प्राइवेट अस्पताल में नर्स तो पिता निजी कम्पनी में गार्ड का काम करते है. छोटा भाई भी छोटा-मोटा काम कर घर चलाने में मदद करता है.

प्रियंका अपने घर की स्थित से अच्छी तरह वाकिफ थी. यही वजह थी कि बीसीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद वो पीएससी की तैयारी करने बिलासपुर चली गई. प्रियंका का सपना कलेक्टर बनने का था. सरकारी बड़े पद पर आ कर वो अपने माता पिता की जिंदगी को खुशियों से भरना चाहती थी. उसके सपने घर वालों पर आर्थिक बोझ न डाले, इसलिए कोचिंग और हॉस्टल की फीस भरने उसने पार्ट टाइम शेयर ट्रेंडिंग का काम भी शुरू किया था, लेकिन उसके ही साथी आशीष साहू ने उसकी निर्मम हत्या कर उसे मौत की नींद सुला दिया. अब भिलाईवासियो ने सरकार से फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में इस मामले की सुनवाई कर आरोपी को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की है. फिलहाल जिस घर मे कुछ दिनों पहले तक खुशियां बिखरी हुई थी, वहां अब गम का माहौल है.

16 नवंबर को लापता हो गई थी प्रियंका

बताया जा रहा है कि शेयर ट्रेडिंग में प्रियंका ने काफी पैसा लगाया था और इसी वजह से उसके साथी ने उसकी हत्या कर दी. हत्या के बाद शव को दुकान में रखा और बाद में गाड़ी की डिग्गी में डाल दिया था. कार की डिग्गी से ही प्रियंका का शव मिला था. प्रियंका के परिजनों ने 16 नवंबर को सिटी कोतवाली थाना पहुंचकर उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी.