एसआईआर प्रक्रिया पर उठे सवाल, विपक्ष का सरकार पर गंभीर आरोप
देश के 12 राज्यों में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर संसद के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन भी हंगामा हुआ। SIR के विरोध में विपक्ष के सदस्यों ने संसद के भीतर और बाहर नारे लगाए और चर्चा की मांग की।
राज्यसभा की सदस्य सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत नई विपक्षी दलों के नेताओं ने एकजुट होकर संसद परिसर में प्रदर्शन किया। इस बीच, मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "हम प्रदर्शन करते रहेंगे, जब तक इनको याद नहीं आएगा कि ये गलत कर रहे हैं।"
तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद ने एसआईआर का विरोध करते हुए कहा कि वोटों की चोरी और हेराफेरी हुई है। इसमें किसी तरह का संदेश नहीं है। उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "चुनाव आयोग का पैसा केंद्रीय भंडार से जाता है। जितनी भी संस्थाओं को सरकार से पैसा जाता है, उन पर चर्चा हो सकती है। ऐसा नहीं है कि पहले कभी चुनाव आयोग पर चर्चा नहीं हुई हो। वर्तमान सरकार SIR पर चर्चा से क्यों डर रही है?"
टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने भी सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण अविश्वास का माहौल है। उन्होंने कहा, "हम कैसे सरकार पर विश्वास करें कि ये अपनी बात पर कायम रहेगी, क्योंकि सत्तापक्ष कहता कुछ और है, जबकि करता कुछ और है।"
सागरिका घोष ने कहा कि अभी तक हमें नहीं बताया गया कि एसआईआर प्रक्रिया पर कब चर्चा होगी। इसलिए सरकार के कारण अविश्वास का माहौल बना हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि एसआईआर एक मानवीय त्रासदी है। प्रक्रिया के बीच लोगों की जान जा रही है। इस स्थिति में संसद चुप नहीं बैठ सकती है।

