Himachal: हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने सरकारी कर्मचारियों से किया गया अपना वादा पूरा कर दिया है। नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पहली कैबिनेट मीटिंग में पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल कर दिया गया है।

ओपीएस के लिए काफी दिनों से देशभर के कर्मचारी आंदोलित थे। कांग्रेस शासित यह तीसरा प्रदेश है जहां ओपीएस को बहाल किया जा चुका है। इसके पहले राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी ओल्ड पेंशन स्कीम को बहाल किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के फैसले के बाद ओल्ड पेंशन स्कीम से प्रदेश के करीब 1.36 लाख सरकारी कर्मचारियों को इस योजना का लाभ मिलेगा। शुक्रवार को राज्य सरकार की नई कैबिनेट ने पहली मीटिंग में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को बहाल करने का प्रस्ताव पारित किया। दरअसल, बीते विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के घोषणा पत्र में ओल्ड पेंशन स्कीम को बहाल करना शामिल किया गया था। विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद कर्मचारियों से किया गया वादा पूरा करने का दबाव नई सरकार पर था।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह की अगुवाई में शुक्रवार को हिमाचल की पहली कैबिनेट मीटिंग हुई। इस मीटिंग में ओल्ड पेंशन स्कीम को बहाल करने के साथ ही विधानसभा चुनाव में किए गए अन्य वादों को भी पूरा करने पर विचार किया गया। राज्य कैबिनेट ने तय किया कि महिलाओं को, जिनकी उम्र 18 साल से 60 साल के बीच में है, 15 सौ रुपये भत्ता दिया जाना है। इसके लिए कैबिनेट की एक उप-समिति पूरा रोडमैप बनाकर देगी ताकि उसे लागू किया जा सके। इसके अलावा राज्य में एक लाख रोजगार देने के लिए एक पूरा रोडमैप उपसमिति भी तैयार करेगी।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में कैबिनेट ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों में विश्वास जताने के लिए राज्य के लोगों का धन्यवाद किया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार हर उस वादे को पूरा करेगी जिसे किया गया है और जनहित के फैसले लेने में कोई भी हिचकिचाहट महसूस नहीं करेगी।