चीन में मेडिकल की पढ़ाई के बाद इंटर्नशीप करने गए तमिलनाडु के एक 22 साल के छात्र की मौत हो गई है. बताया जा रहा है कि उसकी मौत बीमारी के चलते हुई है. अब परिवार ने उसके शव को वापस लाने के लिए विदेश मंत्रालय से मदद की गुहार लगाई है.

मृतक छात्र अब्दुल शेख तमिलनाडु के पुडुकोट्टई का निवासी बताया जा रहा है. 11 दिसंबर को ही वह इंटर्नशिप करने के लिए तमिलनाडु से चीन गया था. कोरोना के प्रकोप से जूझ रहे चीन में भारतीय छात्र की मौत के पीछे अन्य बीमारी को वजह बताया जा रहा है. वहीं, छात्र की मौत के बाद परिजनों ने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से शव वापस मंगवाने की मांग की है, जिससे वे अंतिम संस्कार कर सकें. 

बताया जाता है कि अब्दुल शेख पांच साल पहले मेडिकल की पढ़ाई करने चीन गया था. अब्दुल शेख ने चीन के हेइलोंगजियांग प्रांत की किकिहार मेडिकल यूनिवर्सिटी से मेडिकल की पढ़ाई की थी. सामने आ रही जानकारी के मुताबिक, पांच साल का कोर्स पूरा करने के बाद अब्दुल्ला शेख अपने घर आया था और दिसंबर महीने में ही वह इंटर्नशिप करने के लिए चीन वापस चला गया था. अब्दुल शेख को घर से चीन गए अभी एक महीने भी नहीं हुए हैं कि मौत की खबर आ गई.

बताया जाता है कि चीन में कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों को देखते हुए वहां की सरकार ने दूसरे देशों से आने वाले लोगों के लिए कड़े नियम बनाए हैं. विदेश से आने वाले लोगों के लिए 8 दिन का आइसोलेशन अनिवार्य कर रखा है. अब्दुल्ला शेख भी चीन पहुंचने के बाद आठ दिन आइसोलेशन में रहा. इसके बाद अब्दुल्ला शेख अचानक बीमार पड़ गया. आनन-फानन में उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों ने अब्दुल शेख की गंभीर हालत को देखते हुए उसे आईसीयू में भर्ती किया. हालांकि, उपचार के दौरान 1 जनवरी कोअब्दुल शेख की मौत हो गई. गौरतलब है कि अब्दुल शेख के निधन से एक दिन पहले पिता ने पुडुकोट्टई के जिलाधिकारी, तमिलनाडु सरकार से अपने बेटे को बचाने की मार्मिक अपील की थी.