Odisha: ओडिशा में एक के बाद एक, तीन रूसी नागरिकों की हुई रहस्यमय मौतों ने सनसनी पैदा कर दी है। 15 दिनों में यह तीसरा मौका है जब किसी रूसी नागरिक की लाश मिली है।

राज्य के जगतसिंहपुर जिले के पारादीप बंदरगाह पर लंगर डाले जहाज में रूसी नागरि की लाश मिली है। 3 जनवरी को मिली इस लाश से मौतों का रहस्य गहराता जा रहा है। फिलहाल मौत की वजह हार्ट अटैक बताया जा रहा है।

दरअसल, 51 वर्षीय मिल्याकोव सर्गेई, एक जहाज पर सवार थे जो पारादीप के रास्ते बांग्लादेश के चटगांव बंदरगाह से मुंबई जा रहा था। मंगलवार की सुबह मिल्याकोव सर्गेई जहाज के चैंबर में मृत मिले। सर्गेई इस जहाज के चीफ इंजीनियर थे। ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले के पारादीप बंदरगाह पर मिले मिल्याकोव की लाश से सनसनी मच गई। पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी। हालांकि, प्रथमदृष्टया यह मामला हार्ट अटैक का बताया जा रहा है। 

बीते 21 दिसंबर को रूसी पयर्टकों की एक टीम ओडिशा पहुंची थी। इस टीम में रूसी सांसद पावेल एंटोव (Pavel Antov) भी थे। एंटोव, रशियन राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आलोचक रहे हैं। यूक्रेन आक्रमण के फैसले पर भी एंटोव ने पुतिन की आलोचना की थी। भारत भ्रमण के शौकीन रूसी सांसद पावेल एंटोव ने बीते 21 दिसंबर को रायगडा के एक होटल में अपने तीन अन्य साथियों के साथ चेक इन किया था। उनके साथ उनका गाइड जितेंद्र सिंह भी था। लेकिन चेक इन के अगले ही दिन पॉवेल के साथ आए उनके साथी व्लादिमीर बिडेनोव अपने कमरे में रहस्यम ढंग से बेहोशी की हालत में मिले, उनके चारो ओर बोतलें बिखरी पड़ी थी। लेकिन अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई।

ओडिशा में ही बिडेनोव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम संस्कार में पॉवेल भी शामिल हुए। 24 दिसंबर को पॉवेल भी होटल के बाहर खून से लथपथ मिले। बताया जा रहा है कि तीसरी मंजिल से गिरने से उनकी मौत हो गई। उनका भी अंतिम संस्कार यहीं कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि बेटे ने अंतिम संस्कार यहीं करने को कहा था।