Uttarakhand: उत्तराखंड के जोशीमठ में जमीन धंसने से पैदा हुए हालात गंभीर होते जा रहे हैं। केंद्र सरकार हालात पर पूरी नजर बनाए हुए है। पीएम मोदी ने भी मुख्यमंत्री से बात की मामले की जानकारी ली और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

वहीं इस गंभीर मुद्दे पर रविवार को प्रधानमंत्री कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक में प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी. के. मिश्रा ने कैबिनेट सचिव और भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों तथा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्यों के साथ जोशीमठ के हालात को लेकर एक समीक्षा बैठक की। इस बैठक में जोशीमठ के जिला पदाधिकारी और उत्तराखंड के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी वीडियो कांफ्रेंस के जरिए शामिल हुए।

केन्द्र सरकार ने इसकी जांच के लिए विभिन्न संगठनों के 7 विशेषज्ञों की टीम गठित की है, जो इसकी वजह और उपायों की जांच करेगी और केन्द्र सरकार को अपनी रिपोर्ट देगी। बता दें कि जोशीमठ में अब तक 603 घरों में दरारें आ गई हैं और कई घर गिरने की कगार पर हैं। यहां से अब तक 44 परिवारों को शिफ्ट किया जा चुका है।

इससे पहले पीएम मोदी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से जोशीमठ में जमीन धंसने को लेकर बातचीत की। पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री को इस घटना के मद्देनजर राज्य को केंद्र से हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उत्तराखंड के सीएम धामी ने बताया कि पीएम मोदी ने मुझसे टेलीफोन पर बातचीत कर जोशीमठ की स्थिति और लोगों के पुनर्वास व सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों के बारे में पूछा। सीएम धामी ने बताया कि जोशीमठ की स्थिति का विश्लेषण किया जा रहा है। हम यह भी देखेंगे कि क्या अन्य पहाड़ी शहरों ने सहनशीलता की सीमा हासिल कर ली है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को राज्य के चमोली जिले के स्थित जोशीमठ का दौरा किया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की।