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Shahjahanpur: भावलखेड़ा के गुड़िगवां में कैदियों के लिए बनेगी 2000 क्षमता वाली नई जेल, सौ करोड़ की लागत से होगा निर्माण

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Shahjahanpur: भावलखेड़ा के गुड़िगवां में कैदियों के लिए बनेगी 2000 क्षमता वाली नई जेल, सौ करोड़ की लागत से होगा निर्माण

संवाददाता अमित कुमार 

Shahjahanpur: भावलखेड़ा के गांव गुड़िगवां में कैदी और बंदियों के लिए 2 हजार क्षमता वाली नई जेल बनाई जाएगी। इसके लिए सरकार की ओर से 100 करोड़ रुपये स्वीकृत कर दिए गए हैं। किसानों से जमीन भी अधिग्रहण कर ली गई है। जल्द निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। जेल का नक्शा बनकर तैयार हो गया है। बरेली की पीडब्ल्यूडी और दिल्ली की कार्यदायी संस्था नई जेल का निर्माण कराएगी।

इस समय जिला जेल में क्षमता से अधिक कैदी व बंदी हैं। ज्यादा लोग होने के चलते नई जेल बनाने की जरूरत समझी जा रही थी ताकि सभी कैदी और बंदी आसानी से रह सकें। उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े। वर्तमान जिला जेल खिरनीबाग में स्थित है। जो कई साल पुरानी है। जेल के आस-पास आबादी भी है। 

जेल में बंदियों और कैदियों को रखने की क्षमता 740 है। जबकि वर्तमान समय में 1250 बंदी व कैदी यहां बंद हैं। इनमें महिला बंदी भी शामिल हैं। जेल में हमेशा क्षमता से अधिक बंदी रहते हैं। जिला प्रशासन की ओर से नई जेल के लिए कई साल पहले प्रस्ताव किया गया था। जिस पर विचार चल रहा था। पहले पुवायां रोड पर मूर्छा गांव और रोजा क्षेत्र में भी भूमि देखी गई थी, लेकिन वहां बात नहीं बन सकी। 

अंत में प्रशासन ने विकास खंड भावलखेड़ा के जलालाबाद-कांट रोड पर गुड़िगवां गांव में भूमि देखी। इसी जमीन पर नई जेल बनाने का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था, जो स्वीकृत हो गया है। तय हुआ है कि गुड़िगवां गांव में 80 एकड़ जमीन पर नई जेल बनाई जाएगी। यह जमीन करीब डेढ़ सौ किसानों से अधिग्रहण की गई है। 

भूमि अधिग्रहण के बाद जिला पंचायत से नक्शा पास कराके शासन को भेज दिया गया है, जो स्वीकृत हो गया है। नई जेल के लिए सौ करोड़ रुपये की धनराशि भी स्वीकृत हुई है। नई जेल का निर्माण बरेली के पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से कराया जाएगा। दिल्ली की कार्यदायी संस्था निर्माण करेगी। नई जेल में बंदियों व कैदियों के रहने के लिए बैरकों, जेल अस्पताल, महिला बैरक, अधिकारियों के कक्ष, कार्यालय और कर्मचारियों के लिए आवास आदि बनेंगे।

नई जेल बनने के साथ-साथ शिक्षा की अलख जगाने के लिए एक स्कूल का भी निर्माण कराया जाएगा। जेल के बाहर कक्षा आठ तक स्कूल बनाया जाएगा। स्कूल में महिला बंदी और कैदियों के बच्चे पढ़ सकेंगे। इसके अलावा कर्मचारियों और आमजन के बच्चे भी शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे।

नई जेल के निर्माण के लिए नए बजट सत्र में धनराशि आ जाने से निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। नई जेल के बन जाने से काफी राहत मिलेगी। बताया जा रहा है कि नई जेल बनने के बाद पुरानी जेल को शहर के बीचो बीच से खत्म कर दिया जाएगा। 

नई जेल के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई है। नई जेल में बैरक, अस्पताल, कार्यालय, महिला बंदी बैरक आदि बनेगी। साथ ही जेल के बाहर एक स्कूल भी बनेगा। महिला बंदियों और कर्मचारियों के बच्चे शिक्षा ग्रहण करेंगे। बरेली के पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से जल्द निर्माण शुरू कराए जाने की उम्मीद है.....मिजाजी लाल, जेल अधीक्षक