राणा दंपति को हनुमान चालीसा विवाद में आज नहीं मिली जमानत, सोमवार को मामले में फिर होगी सुनवाई

राणा दंपति को हनुमान चालीसा विवाद में आज नहीं मिली जमानत, सोमवार को मामले में फिर होगी सुनवाई

हनुमान चालीसा विवाद मामले में गिरफ्तार चल रहे नवनीत और रवि राणा की जमानत को लेकर मुंबई कोर्ट की स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट में दोनों-पक्षों की दलीलें पूरी हो चुकी हैं।

शनिवार को इस मामले में दोनों की जमानत पर सुनवाई हुई। पहले कहा जा रहा था कि आज ही उनकी जमानत पर फैसला हो सकता है, लेकिन अब कोर्ट इस मामले में सोमवार को फिर से सुनवाई करेगा। अब संभावना जताई जा रही है कि सोमवार को उनकी जमानत पर फैसला आ सकता है।

अमरावती जिले से सांसद नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा फिलहाल पुलिस की कस्टडी में हैं। सुनवाई के दौरान नवनीत राणा के वकील आबाद पोंडा ने और एसपीपी प्रदीप घरात और खार पुलिस थाने की ओर से अधिवक्ता रिजवान मर्चेंट ने पक्ष रखा।

राणा दंपति को राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने को लेकर उठे विवाद के बाद शनिवार को गिरफ्तार किया गया था। राणा दंपति पर आईपीसी की धारा 15A और 353 के साथ-साथ बॉम्बे पुलिस एक्ट की धारा 135 के तहत FIR दर्ज है। सबसे बड़ी धारा 124A यानी राजद्रोह की धारा भी लगाई गई है।
विधायक रवि और सांसद नवनीत राणा का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता आबाद पोंडा ने अदालत के समक्ष कहा कि सीजेआई एनवी रमना ने सरकार को यह तय करने के लिए समय दिया है कि क्या धारा 124 ए यानी देशद्रोह को दुरुपयोग के लिए समाप्त किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर 5 मई से सुनवाई करेगा।
राणा के वकील ने सुनवाई के दौरान कई तर्क दिए थे। उन्होंने कहा कि ये मामला बिना किसी बात का है। दोनों चुने हुए नेता (सांसद और विधायक) हैं, वे कहीं नहीं भागेंगे, इसलिए उनकी आजादी उनसे नहीं छीनी जानी चाहिए। इस दौरान वकील ने यह भी कहा कि पुलिस ने भी अभी तक उनकी कस्टडी नहीं मांगी है, जिसकी वजह से वे अबतक न्यायिक हिरासत में हैं। दोनों पर कुछ शर्तें लगाई जा सकती हैं लेकिन उनको आजाद किया जाना चाहिए। सुनवाई के दौरान नवनीत राणा के वकील आबाद पोंडा ने कहा कि किसी की धार्मिक बिलीफ को चैलेंज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे मातोश्री में नहीं जाना चाह रहे थे, वे उसके बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने चाहते थे। आज अगर कोई कहता है कि वो अपनी धार्मिक भावना के तहत हनुमान चालीसा बोलना चाहता है तो उसे जेल में डाल दिया गया।

इससे पहले नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा ने बॉम्बे हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की याचिका खारिज कर दी थी। नवनीत राणा को सार्वजनिक जगह पर हनुमान चालीसा को लेकर फटकार लगाई थी। अदालत ने कहा था कि सार्वजनिक जीवन वालों की जिम्मेदारी ज्यादा है।
हनुमान चालीसा विवाद के बाद गिरफ्तार हुईं निर्दलीय सांसद नवनीत राणा मामले में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने महाराष्ट्र सरकार से विवरण मांगा था। ओम बिरला ने 24 घंटे के भीतर नवनीत राणा की गिरफ्तारी का विवरण मांगा है। इससे पहले राणा ने ओम बिरला को पत्र लिखकर पुलिस द्वारा अमानवीय व्यवहार का आरोप लगाया था, साथ ही कहा था कि उनकी गिरफ्तारी अवैध है। 

Share this story