मुंबई पुलिस की ओर से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा के विरुद्ध दायर याचिका को मुंबई की एक अदालत ने खारिज करते हुए कहा, कि यदि जांच प्रभावित न हो, तो केवल जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने से जमानत रद्द नहीं की जा सकती है। अदालत ने राणा दंपति को दी गई जमानत रद्द करने से इनकार करते हुए कहा कि जमानत रद्द करने के लिए बेहद गंभीर' परिस्थितियां होना जरूरी है।

महाराष्ट्र के अमरावती से लोकसभा सदस्य नवनीत राणा और उनके पति एवं अमरावती जिले के बडनेरा से निर्दलीय विधायक रवि राणा ने तत्कालीन मुख्यमंत्री के यहां स्थित निजी आवास के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने की घोषणा की थी जिसके बाद उन्हें 23 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया गया था। राणा दंपति पर राजद्रोह और विभिन्न समुदायों के बीच शत्रुता पैदा करने का आरोप है।

दोनों को 5 मई को विशेष अदालत ने सशर्त जमानत दी थी, जिसमें से एक शर्त यह थी कि वे मामले के बारे में मीडिया में बयान नहीं देंगे। अदालत ने कहा था कि अगर इन शर्तों का पालन नहीं किया गया तो जमानत रद्द कर दी जाएगी।

सांसदों और विधायकों के विरुद्ध जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने के मामलों दर्ज याचिका के लिए विशेष न्यायाधीश आर. एन. रोकड़े ने दंपति के विरुद्ध मुंबई पुलिस की ओर से दायर याचिका को 22 अगस्त को खारिज कर दिया। अदालत के विस्तृत आदेश की प्रति शुक्रवार को प्राप्त हुई।