विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ब्रिटेन में अपने समकक्ष जेम्स क्लेवरली से मुलाकात के दौरान देश में भारतीय समुदाय की सुरक्षा एवं कल्याण को लेकर अपनी चिंता साझा की और इस संबंध में क्लेवरली से मिले आश्वासन का स्वागत किया।

जयशंकर ने बुधवार को ट्वीट किया, ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली से शानदार बातचीत हुई। 'रोडमैप 2030' को आगे ले जाने पर चर्चा हुई। दोनों देशों की भागीदारी को गहरा करने के लिए उनकी प्रतिबद्धता की सराहना करता हूं।'' उन्होंने कहा कि बातचीत में हिंद-प्रशांत, यूक्रेन और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद संबंधी मामलों समेत कई वैश्विक मुद्दे शामिल रहे। जयशंकर ने कहा, ''मैंने ब्रिटेन में भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण को लेकर अपनी चिंता जाहिर की।

इस संबंध में उनसे मिले आश्वासन का स्वागत करता हूं।'' बोलिविया के विदेश मंत्री रोजेलियो मायता के साथ अपनी बैठक में जयशंकर ने कहा कि उन्होंने ''हमारी विकास साझेदारी और दोनों देशों के आर्थिक जुड़ाव का विस्तार करने के बारे में बात की। वैश्विक विकास पर विचारों का आदान-प्रदान किया।'' नॉर्वे के विदेश मंत्री एनीकेन हुइटफेल्ड के साथ अपनी बैठक के बाद, जयशंकर ने कहा कि उन्होंने ''संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में हमारे मौजूदा सहयोग की सराहना की। नॉर्डिक देशों के साथ हमारी साझेदारी, अफगानिस्तान, यूक्रेन और जलवायु कार्रवाई पर चर्चा हुई।''

जयशंकर ने एस्टोनिया के विदेश मंत्री उर्मास रीनसालु से भी मुलाकात की और कहा कि ''दोनों देशों के दूतावास के खुलने के बाद द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने पर चर्चा की। यूक्रेन से संबंधित घटनाक्रमों पर विचार आदान-प्रदान किए।'' जयशंकर ने 10वें भारत-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका (इब्सा) त्रिपक्षीय मंत्री स्तरीय आयोग बैठक की मेजबानी की और इब्सा की प्रक्रिया की समीक्षा की तथा इसके कार्यों को सराहा। उन्होंने कहा, ''वैश्विक एवं बहुपक्षीय मुद्दों पर दक्षिण-दक्षिण सहयोग को बढ़ावा देने की सराहना करता हूं।'' ब्राजील के विदेश मंत्री कार्लोस फ्रांका और दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य मंत्री जोए फाहला भी बैठक में शामिल हुए।