पात्रा चॉल जमीन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुंबई की एक विशेष अदालत ने शिवसेना सांसद संजय राउत की प्रवर्तन निदेशालय को दी गयी हिरासत की अवधि गुरुवार को 8 अगस्त तक के लिए बढ़ा दी है। गुरुवार को ED की रिमांड खत्म होने पर उन्हें PMLA कोर्ट में पेश किया गया। ED ने मामले की जांच आगे बढ़ाने के लिए फिर से रिमांड की मांग की। इस पर PMLA कोर्ट ने संजय राउत को 8 अगस्त तक ED की हिरासत में भेज दिया है।

ED ने कोर्ट को बताया कि संजय राउत ने 10 प्लॉट खरीदने के लिए 3 करोड़ रुपए कैश दिए थे। संजय राउत को ये कैश प्रवीण राउत की ओर से मिला था। इसी खुलासे के आधार पर ED ने जमानत का विरोध किया। ED ने ये भी कहा ही उन्हें छापे में कुछ ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिससे पता चलता है कि राउत को हर महीने में प्रवीण एक निश्चित रकम देता था।

आरोप है कि रियल एस्टेट कारोबारी प्रवीण राउत ने पात्रा चॉल में रह रहे लोगों से धोखा किया है। एक कंस्ट्रक्शन कंपनी को इस जमीन पर 3000 फ्लैट बनाने का काम मिला था। इनमें 672 फ्लैट रहवासियों और बाकी महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवेलपमेंट अथॉरिटी को दिए जाने थे। लेकिन साल 2011 में इस जमीन के कुछ हिस्सों को दूसरे बिल्डरों को बेच दिया गया था।

बता दें कि शिवसेना सांसद संजय राउत को ED ने पात्रा चॉल जमीन मामले में रविवार को गिरफ्तार किया था। मुंबई के गोरेगांव के पात्रा चॉल जमीन में 1,043 करोड़ रुपए के घोटाला का आरोप है। महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवेलपमेंट अथॉरिटी के इस जमीन में संजय राउत की 9 करोड़ रुपए और राउत की पत्नी वर्षा की 2 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त हो चुकी है।