हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा है कि केन्द्र सरकार ने 382 मेगावाट के सुन्नी बांध हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट हिमाचल प्रदेश के लिए बुधवार को मंजूर किया जिसकी कुल लागत 2,615 करोड़ रुपए है और ये सतलुज नदी पर बनेगा।

बुधवार को यहां कहा कि इस बड़े प्रोजेक्ट को बनाने के लिए केंद्र सरकार ने पांच साल की समय सीमा तय की है, इससे शिमला संसदीय क्षेत्र और मंडी संसदीय क्षेत्र को बड़ा लाभ होने वाला है। जब इस बांध का निर्माण हो रहा होगा तो 4000 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष नौकरियां प्राप्त होंगी। उन्होंने कहा कि 2615 करोड़ रुपए की लागत से प्रोजेक्ट तैयार होगा।

कहा कि इसकी क्लीयरेंस भी पूरी हो चुकी है और पीआईबी, प्रोजेक्ट इन्वेस्टमेंट बोर्ड द्वारा इस को मंजूरी भी मिल चुकी है। इस प्रोजेक्ट से 1382 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन होगा और उसमें से अगले 40 साल के लिए 12 फीसदी बिजली हिमाचल प्रदेश को मुफ्त प्राप्त होगी।

इस प्रोजेक्ट से 4000 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष नौकरी प्राप्त होगी जब इसका निर्माण हो रहा होगा और जब यह बांध पूरा हो जाएगा तो 500 लोगों को इसके अंदर पक्की नौकरी मिलेगी। इस प्रोजेक्ट के लिए लोकल एरिया डेवलपमेंट फंड भी तय हो चुका है जो की 39 करोड़ रुपये का है, जिससे स्थानीय लोगों को बड़ा लाभ होगा।

अगर हम लोकल इंफ्रास्ट्रक्चर की दृष्टि से दिखे तो इससे सथनीय क्षेत्र को अच्छे रोड, मेडिकल फैसिलिटी और अनेकों सुविधाएं प्राप्त होगी। केंद्र में मोदी सरकार औद्योगिक विकास सामाजिक सुधार और नौकरी देने के लिए प्रतिबद्ध है यह केवल केंद्र में मोदी सरकार ही है जो बिना द्वेष भावना के कार्य करती है।

भारतीय जनता पार्टी के नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, विधायक त्रिलोक जमवाल, राकेश जमवाल, विपिन परमार, सतपाल सत्ती, रणधीर शर्मा, डॉ जनक राज, लोकेंद्र कुमार, सुरेंद्र शौरी, रीना कश्यप, विनोद कुमार और समस्त विधायक और पदाधिकारियों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया। भाजपा के सभी नेता एवं पदाधिकारियों ने इस सौगात के लिये प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया है।