वंदे भारत ट्रेन को भारतीय रेलवे की नई कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है I आम ट्रेनों की रफ्तार के मुकाबले दोगुनी रफ्तार से पटरियों पर दौड़ने वाली वंदे भारत का शनिवार को दूसरे चरण का ट्रायल किया गया I इसकी जानकारी देते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने ट्वीटर हैंडल पर दी. उन्होंने वंदे भारत को आत्मनिर्भर भारत की रफ्तार बताया I

रेल मंत्री ने अपने ट्विटर पर एक दूसरा वीडियो पोस्ट किया, जिसमें तेज रफ्तार से वंदे भारत ट्रेन दौड़ लगा रही है I इस वीडियो में 180 किमी प्रति घंटे की स्पीड से चलती वंदे भारत ट्रेन में पानी से भरे गिलास से एक बूंद भी पानी नहीं गिरा, यानी तेज रफ्तार होने के बावजूद भी ट्रेन झटके नहीं दे रही है. अश्विनी वैष्णव ने एक अन्य ट्वीट में जानकारी देते हुए लिखा कि वंदे भारत का स्पीड ट्रायल 120/130/150 और 180 किमी प्रति घंटा पर कोटा-नागद रेलवे स्टेशन के बीच शुरू हुआ I 


अन्य ट्रेनों के मुकाबले वंदे भारत में सफर करना यात्रियों के लिए आरामदायक होगा. इस ट्रेन के कोच को बनान में स्टेनलेस स्टील का इस्तेमाल किया गया है. साथ ही ट्रेन में इस्तेमाल की गई अन्य सामान भारत में बनी है. यात्रियों के सुरक्षा को लेकर काफी ख्याल रखा गया है. बता दें कि वंदे भारत का वजन अन्य के मुकाबले कम है, जिस कारण यात्री सफर के दौरान सहज महसूस करेंगे I

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नई ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद के बीच चलाई जानी हैI  फिलहाल देश में केवल दो रूटों पर वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैंI  सुरक्षा आयुक्त से हरी झंड़ी मिलने के बाद वंदे भारत नए रूट पर दौड़ेगी I  ICF ने आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर 75 वंदे भारत ट्रेनों के निर्माण का लक्ष्य रखा था. पीएम मोदी ने भी इसे लेकर पिछले साल स्वतंत्रता दिवस पर घोषणा की थी I