चीन के शंघाई शहर में कोरोना वायरस संबंधी पाबंदियों में ढील दी गई, 40 लाख लोगों को घरों से बाहर निकलने की मिली अनुमति 

चीन के शंघाई शहर में कोरोना वायरस संबंधी पाबंदियों में ढील दी गई, 40 लाख लोगों को घरों से बाहर निकलने की मिली अनुमति 

बीजिंग: चीन के शंघाई शहर में प्रशासन ने कोरोना वायरस संबंधी पाबंदियों में ढील देते हुए 40 लाख लोगों को घरों से बाहर निकलने की अनुमति दे दी है।

एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने यह जानकारी दी। स्वास्थ्य अधिकारी वांग गांयू ने बुधवार को बताया कि चीन के सबसे अधिक आबादी वाले शहर में संक्रमण के कम होते मामलों के मद्देनजर अभी तक करीब 1.2 करोड़ लोगों को अपने घर से निकलने की अनुमति दी जा चुकी है।

अधिकारियों ने संक्रमण के मामले बढ़ने के बाद 28 मार्च से शंघाई के ढाई करोड़ लोगों को उनके घरों में रहने का निर्देश दिया था। चीन में मौजूदा लहर में संक्रमण के मामले तुलनात्मक रूप से कम सामने आ रहे हैं, लेकिन सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने वैश्चिक महामारी के खिलाफ 'शून्य सहिष्णुता' की रणनीति अपनाई है, जिसके तहत प्रमुख शहरों में मामले सामने आते ही कड़े प्रतिबंध लगा दिए जाते हैं।

अपार्टमेंट में रहना हुआ मुश्किल, कोरोना के केस आते ही 'दुश्‍मन' बन रहे पड़ोसी
शंघाई के 2.5 करोड़ लोगों में से ज्यादातर लोग अपार्टमेंट बिल्डिंगों में रहते हैं। चीन में कोरोना के मामले बढ़ने के साथ लॉकडाउन के तनाव ने शंघाई में निवासियों के बीच पैदा हुई दूरी को सामने ला दिया है। इस मुसीबत की घड़ी में लोग एक-दूसरे की मदद करने के बजाय एक-दूसरे के दुश्मन बन रहे हैं । करीब चार सप्ताह के बाद भी लॉकडाउन के खत्म होने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है, जिसके बाद लोगों की निराशा वी चैट ग्रुप में देखने को मिली है।

एक विवाद तब देखने को मिला जब एक महिला को केंद्रीय क्वारंटाइन सेंटर ले जाया गया था, जहां उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई। महिला ने अपने पड़ोसी पर अधिकारियों से उसकी रिपोर्ट करने का आरोप लगाया। वीचैट ग्रुप में कोरोना टेस्ट के परिणामों को साझा करना और पॉजिटिव मामलों के बारे में खुल कर बताना कोई नया नहीं है। महिला ने नाम बताने से इनकार करते हुए कहा, "ग्रुप चैट में वो पूछ रहे थे कि क्या कोविड पॉजिटिव लोग अभी भी यहाँ हैं?"

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