दिल्ली-NCR सहित पूरे उत्तरभारत में जबर्दस्त कोहरा छाया हुआ है। मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों तक यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश में ऐसा ही कोहरा छाया रहने की संभावना जताई है।

वहीं, मौसम विज्ञान विभाग ने हिमालय से आने वालीं उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलते आजकल में उत्तर-पश्चिम भारत और आसपास के मध्यभारत में मिनिमम टेम्पेरचर में 2-4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट का अलर्ट जारी किया है।

भारत मौसम विभाग और प्राइवेट वेदर एजेंसी स्काईवेदर के अनुसार, आजकल में पंजाब, हरियाणा, उत्तरी राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली के कुछ हिस्सों में घना कोहरा छा सकता है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड, उत्तरी राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में शीत लहर की स्थिति रहने की उम्मीद है। पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा के साथ-साथ दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में कोल्ड डे की स्थिति देखी जा सकती है। लगभग पूरे देश में मौसम शुष्क रहेगा।

मौसम की जानकारी देने वाली निजी संस्था स्काईवेदर के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ अब कम चिह्नित हो गया है। एक प्रेरित चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र उत्तरी पाकिस्तान पर बना हुआ है और आस-पास के क्षेत्र भी कम चिह्नित हो गए हैं। कम चिह्नित से आशय कमजोर पड़ना है।

मौसम विभाग और स्काईवेदर के अनुसार, बीते दिन हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में बारिश की गतिविधि देखी गई। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में कोहरा छाया रहा। उत्तर भारत के कई हिस्सों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहा।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार जनवरी में न्यूनतम और अधिकतम तापमान मध्य भारत के कई हिस्सों और प्रायद्वीपीय, पूर्व और उत्तर-पश्चिम भारत के आसपास के क्षेत्रों में सामान्य से नीचे रहने की संभावना है। आईएमडी ने जनवरी के लिए सात मौसम संबंधी उपखंडों (पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख) वाले उत्तर पश्चिमी भारत में सामान्य से कम (78 प्रतिशत-लंबी अवधि का औसत-एलपीए) रहने की संभावना है।

उत्तर पश्चिमी भारत में वर्षा सात मौसम संबंधी उपखंडों (पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख) में सामान्य से कम (लंबी अवधि के औसत-LPA का 86 प्रतिशत) होने की संभावना है। जनवरी 2023 के दौरान पूरे देश में मासिक वर्षा सामान्य से कम (दीर्घावधि औसत-एलपीए का 82 प्रतिशत)रहने की संभावना है।