प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्‍थान को दी 4 नए मेडिकल कॉलेजों की सौगात कहा- हिंदी में होगी मेडिकल की पढ़ाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्‍थान को दी 4 नए मेडिकल कॉलेजों की सौगात कहा- हिंदी में होगी मेडिकल की पढ़ाई

राजस्थान  :  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने गुरुवार को जयपुर में CIPET (इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स टेक्नोलॉजी ) का उद्घाटन किया। साथ ही राजस्थान के 4 जिलों में मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए भूमि पूजन भी किया। ये जिले हैं- बांसवाड़ा, सिरोही, हनुमानगढ़ और दौसा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हिस्सा लेते हुए पीएम मोदी ने कहा, 100 साल की सबसे बड़ी महामारी ने दुनिया के हेल्थ सेक्टर के सामने अनेक चुनौतियां खड़ी कर दी। हर देश अपने-अपने तरीके से इस संकट से निपटने में जुटा है, भारत ने इस आपदा में आत्मनिर्भरता, अपने सामर्थ्य में बढ़ोतरी का संकल्प लिया है। राजस्थान में 4 नए मेडिकल कॉलेज के निर्माण के कार्य का प्रारंभ और जयपुर में इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स टेक्नोलॉजी का उद्घाटन इसी दिशा में एक अहम कदम है। मैं राजस्थान के सभी नागरिकों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

जानिए पीएम मोदी के संबोधन की खास बातें

आज जब ये कार्यक्रम हो रहा है, तब जयपुर सहित देश के 10 CIPET सेंटर्स में प्लास्टिक और उससे जुड़े Waste Management Rules को लेकर जागरूकता कार्यक्रम भी चल रहा है। इस पहल के लिए भी मैं देश के सभी गणमान्य नागरिकों को बहुत बहुत बधाई देता हूं।

मेडिकल शिक्षा के मामले में बीते दो दशक के अथक प्रयासों से गुजरात ने मेडिकल सीटों में लगभग छह गुना वृद्धि दर्ज की है। मुख्यमंत्री के रूप में देश के हेल्थ सेक्टर में मुझे जो कमियां अनुभव होती थी, बीते 6-7 वर्षों से उनको दूर करने की निरंतर कोशिश की जा रही है।

देश के स्वास्थ्य सेक्टर को ट्रांसफॉर्म करने के लिए हमने एक राष्ट्रीय अप्रोच, एक नई राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति पर काम किया।स्वच्छ भारत अभियान से लेकर आयुष्मान भारत और अब आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन तक, ऐसे अनेक प्रयास इसी का हिस्सा हैं।

आयुष्मान भारत योजना से ही अभी तक राजस्थान के लगभग 3.50 लाख लोगों का मुफ्त इलाज हो चुका है।

गांव, देहात में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने वाले लगभग 2,500 हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर आज राजस्थान में काम करना शुरू कर चुके हैं।

चाहे एम्स हो, मेडिकल कॉलेज हो या फिर एम्स जैसे सुपर स्पेशियल्टी अस्पताल हों, इनका नेटवर्क देश के कोने-कोने तक तेज़ी से फैलाना बहुत ज़रूरी है। आज हम संतोष के साथ कह सकते हैं कि 6 एम्स से आगे बढ़कर आज भारत 22 से ज्यादा एम्स के सशक्त नेटवर्क की तरफ बढ़ रहा है।

इन 6-7 सालों में 170 से अधिक नए मेडिकल कॉलेज तैयार हो चुके हैं और 100 से ज्यादा नए मेडिकल कॉलेज पर काम तेज़ी से चल रहा है। 2014 में देश में मेडिकल की अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट की कुल सीटें 82 हजार के करीब थीं। आज इनकी संख्या बढ़कर 1 लाख 40 हजार सीट तक पहुंच रही है।

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