Shahjahanpur: कम उम्र में गंभीर बीमारी, 15 साल के किशोर में रेयर न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर का खुलासा
शाहजहाँपुर: शाहजहाँपुर के एक 15 वर्षीय किशोर में 10 वर्षों से बार-बार होने वाले मिर्गी के दौरे (रीकरेंट सीज़र) के कारण गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी का पता चला है। इस किशोर को परिजनों द्वारा लंबे समय से दौरे आने, पढ़ाई में कठिनाई और शरीर के एक हिस्से में कमजोरी की शिकायत के साथ न्यूरोलॉजी परामर्श के लिए लाया गया था। विस्तृत जांच और एमआरआई ब्रेन कराने के बाद इस दुर्लभ बीमारी का निदान डाइके–डेविडॉफ–मैसन सिंड्रोम (Dyke Davidoff Masson Syndrome) के रूप में किया गया।
इस केस को शाहजहांपुर के प्रथम न्यूरोलॉजिस्ट, केजीएमयू लखनऊ के भूतपूर्व असिस्टेंट प्रोफेसर, न्यूरोलॉजिक न्यूरोकेयर सेंटर, अंटा चौराहा के कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. मो. इमरान खान द्वारा डायग्नोस किया गया।
डॉ. मो. इमरान के अनुसार यह एक दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल स्थिति है, जिसमें बचपन में किसी कारणवश मस्तिष्क के एक हिस्से का विकास ठीक से नहीं हो पाता या उसमें क्षति हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप मरीज में मिर्गी के दौरे, शरीर के एक हिस्से में कमजोरी, बोलने या सीखने में परेशानी देखी जा सकती है।
डॉ. इमरान खान ने बताया कि समय पर सही निदान और उचित एंटी-एपिलेप्टिक दवाओं से दौरे को नियंत्रित किया जा सकता है और मरीज की जीवन गुणवत्ता में सुधार संभव है। फिलहाल मरीज का इलाज शुरू कर दिया गया है और नियमित फॉलो-अप की सलाह दी गई है। यह मामला दुर्लभ बीमारियों के प्रति जागरूकता और समय पर न्यूरोलॉजिस्ट परामर्श की आवश्यकता को दर्शाता है। यह केस शाहजहांपुर के चिकित्सा जगत में न्यूरो विशेषज्ञता की उपलब्धियों का प्रमाण है।

