Bharat tv live

सोयाबीन से बने पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करना है काफी लाभदायक

 | 
neta

 सोयाबीन हर एशियन घर के डाइट का एक आवश्यक भाग होता है, खास कर शाकाहारी लोगों के लिए। डाइट में सोयाबीन शामिल करना मानो अनिवार्य होता है। इसके पीछे कारण भी होता है कि यह प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। सोयाबीन को आप सोया चंक्स, टोफू, सोया मिल्क के रूप में शामिल कर सकते हैं। सोयाबीन को असल में शाकाहारी लोगों के लिए और भी ज्यादा जरूरी माना जाता है। 
आज हम जानेंगे हैं कि आपके डेली डाइट में सोयाबीन को शामिल किया जाना क्यों  जरूरी है -  

डायटीशियन के मुताबिक शाकाहारी लोगों को सप्ताह में कम से तीन बार सोयाबीन खाना बहुत जरूरी है। सोयाबीन में काफी सारे एंटीऑक्सीडेंट और फाइटो न्यूट्रिएंट्स होते हैं। लगभग 100 ग्राम सोयाबीन में 173 कैलोरी, 63% पानी, 16.6 ग्राम  प्रोटीन, 9.9 ग्राम,कार्ब्स, 3 ग्राम शुगर,6 ग्राम फाइबर,9 ग्राम फैट मौजूद होता है। इसलिए यह आपकी सेहत को बहुत सारे लाभ देते हैं। 

क्या है सोयाबीन  को अपने खाने में  शामिल करने के फायदे – 
१.  मेनोपॉज के लक्षणों से राहत दिलाता है 
- जब महिलाओं को मेनोपॉज की स्थिति का सामना करना पड़ता है, तो उन्हें बहुत सारे शारीरिक बदलावों से गुजरना पड़ता है जिनमें अधिक पसीना आना, मूड स्विंग होना, अधिक गर्मी लगना आदि शामिल होते हैं। सोयाबीन का सेवन करने से महिलाओं को इन लक्षणों से राहत मिल सकती है।

२. आपके हृदय की सेहत को बेहतर रखता है  - सोयाबीन का सेवन करने से आपको रेड मीट आदि का सेवन करने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। इस कारण आपका बैड कोलेस्ट्रॉल लेवल कम हो सकता है और आपके हृदय की सेहत पहले के मुकाबले काफी अच्छी हो सकती है।

३. हड्डियों को मजबूत बनाता है  -जो महिलाएं सोयाबीन का सेवन करती हैं, उनमें हड्डियों की डेंसिटी कम हो जाने और फ्रैक्चर आदि का रिस्क बहुत कम हो जाता है। मेनोपॉज के बाद ये समस्या और भी ज्यादा बढ़ सकती है। इससे बचने के लिए आपको 30 के दशक से ही सोयाबीन को अपनी रेगुलर डाइट का हिस्सा बना लेना चाहिए। 

४. कैंसर का रिस्क कम करता है - कई शोध बताते हैं कि सोया प्रोडक्ट्स का नियमित सेवन महिलाओं और पुरुषों दोनों में ही कैंसर का रिस्क कम करता है। सोयाबीन के अंदर एसो फ्लोबोनोल जैसे कंपाउंड मौजूद होते हैं, जो कैंसर के प्रति सुरक्षा प्रदान करते हैं।

१.  डायरिया होने का रिस्क - सोयाबीन में भी इनसॉलिबल फाइबर मौजूद होता है और अगर आप एक बहुत ही सेंसिटिव व्यक्ति हैं, तो इससे आपको डायरिया जैसी समस्या देखने को मिल सकती है। आपको उल्टियां और भी बहुत सारे पाचन से जुड़े साइड इफेक्ट्स सोयाबीन का सेवन करने पर देखने को मिल सकते हैं।

२.  हाइपो थायराइड का रिस्क -कुछ लोगों में सोया का सेवन करने से उनका थायरॉयड हार्मोन दब जाता है और वह कम एक्टिव हो जाता है। इससे आपका हाइपो थायराइड का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए अगर आप पहले से ही हाइपो थायराइडिज्म के मरीज हैं, तो इसका सेवन न करें।

३. एलर्जी होने का खतरा - बहुत से लोगों को सोया एलर्जी होती है और वह सोयाबीन का सेवन नहीं कर पाते हैं। यह बात बहुत ही सामान्य होती है और सोया को सबसे अधिक एलर्जिक फूड माना जाता है, क्योंकि इसमें ग्लाइसेनिन जैसे प्रोटीन शामिल होते हैं।