मुख्यमंत्री पद से भूपेश बघेल की हो सकती है छुट्टी? छत्तीसगढ़ कांग्रेस में कई अहम बदलाव, 30 विधायक पहुंचे दिल्ली

मुख्यमंत्री पद से भूपेश बघेल की हो सकती है छुट्टी? छत्तीसगढ़ कांग्रेस में कई अहम बदलाव, 30 विधायक पहुंचे दिल्ली

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की विदाई को लेकर लगाई जा रहीं अटकलों के बीच कांग्रेस ने कई अहम बदलाव किए हैं. कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने छत्तीसगढ़ यूनिट में चार उपाध्यक्षों और तीन महासचिवों को बदल दिया है. इसके साथ ही अतिरिक्त पदाधिकारियों की नियुक्ति भी की गई है. राज्य में पिछले कई महीनों से भूपेश बघेल और टीएस सिंह देव के बीच टकराव चल रहा है. दोनों नेताओं की दिल्ली में पार्टी आलाकमान से भी मुलाकात हो चुकी है, जिसके बाद सीएम बघेल के बदले जाने के भी कयास लगाए जाने लगे थे. हालांकि, भूपेश बघेल ने हमेशा ही इन अटकलों को खारिज किया है. इन सबके बीच कांग्रेस के 30 विधायक दिल्ली पहुंच गए हैं, जिसके बाद कयासों को बल मिलने लगा है.

क्या हुआ बदलाव

पार्टी के एक बयान के अनुसार, अरुण सिंघानिया, पी आर खुंटे, अंबिका मरकाम और वाणी राव को गिरीश देवांगन, अटल श्रीवास्तव, भानु प्रताप सिंह और पद्म मनहर के स्थान पर कांग्रेस की राज्य इकाई में उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है. द्वारिका प्रसाद यादव, उत्तम वासुदेव और पंकज शर्मा के स्थान पर वासुदेव यादव, अमरजीत चावला और सुमित्रा धृतलहरे को महासचिव नियुक्त किया गया।

वहीं, शैलेश नितिन त्रिवेदी के स्थान पर सुशील आनंद शुक्ला को पार्टी की छत्तीसगढ़ इकाई के कम्युनिकेशन विभाग का प्रमुख नियुक्त किया गया है। एक अन्य नियुक्ति में कांग्रेस ने स्मैश शर्मा की जगह नीरज पांडे को एनएसयूआई की छत्तीसगढ़ इकाई का प्रमुख नियुक्त किया। मंजुल त्रिपाठी को विपिन वानखेड़े की जगह एनएसयूआई मध्य प्रदेश इकाई का प्रमुख बनाया गया है।

इसके अलावा, कांग्रेस ने विधानसभा उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवार की भी घोषणा की है. मिजोरम में तुइरियाल के लिए चालरोसंगा राल्ते, तेलंगाना में हुजूराबाद से बालमूरी वेंकट नरसिंह राव और मध्य प्रदेश के पृथ्वीपुर के लिए नितेंद्र सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है. कांग्रेस ने के अब्दुल जब्बार को कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अल्पसंख्यक विभाग का अध्यक्ष भी नियुक्त किया.

छत्तीसगढ़ के कई विधायक दिल्ली पहुंचे

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कई विधायक इन दिनों दिल्ली में हैं. भूपेश बघेल और टीएस सिंह देव में चल रहे टकराव के बीच कम से कम 30 विधायक राष्ट्रीय राजधानी में हैं. पिछले कई दिनों से जहां 20 विधायक दिल्ली में थे तो अब दस और विधायक दिल्ली पहुंच गए हैं. इसके पीछे की वजह ज्यादातर विधायकों ने व्यक्तिगत काम बताया है. कांग्रेस विधायक ब्रहस्पति सिंह ने कहा, "भाजपा कांग्रेस पार्टी में विभिन्न नेताओं के माध्यम से सरकार को तोड़ने की कोशिश कर रही है, लेकिन वे छत्तीसगढ़ में ऐसा नहीं कर पाएंगे. भूपेश बघेल और टीएस सिंह देव के रूप में हमारे पास प्रदेश में सक्षम नेतृत्व है.'

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