अगर धारा 144 लखीमपुर में है तो लखनऊ में उतरने से क्यों रोक रही है तानाशाह सरकार

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उत्तर प्रदेश के लखीमपुरी खीरी जिले की घटना को लेकर प्रदेश सरकार के मंत्रियों और विधायकों ने इस घटना की निंदा की है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सोमवार सुबह लखीमपुर खीरी के तिकुनिया के लिए रवाना होने वाले हैं, हालांकि इससे पहले ही उन्हें रोकने का आदेश उत्तर प्रदेश सरकार ने जारी कर दिया।

उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लखनऊ हवाई अड्डे पर उतरने की अनुमति नहीं मिलने के बाद रणनीति बदल रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार थोड़ी देर पहले मुख्यमंत्री सचिवालय ने उनके 11 बजे विशेष विमान से लखनऊ हवाई अड्डे और वहां से लेबुआ होटल जाने का कार्यक्रम जारी किया, लेकिन अब इसे टालने की खबर है। उत्तरप्रदेश के अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने मुख्यमंत्री के विमान को लखनऊ हवाई अड्डा पर लैंडिंग की अनुमति नहीं देने निदेशक को पत्र लिखा है।

अपर मुख्य सचिव ने इसकी वजह लखीमपुर क्षेत्र में धारा 144 लागू होने का हवाला दिया है। यूपी के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने लखनऊ एयरपोर्ट से भूपेश बघेल और पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर एस.रंधावा को एयरपोर्ट पर उतरने की इजाजत नहीं देने को कहा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की सरकार मुझे राज्य में न आने देने का फरमान जारी कर रही है। क्या उत्तरप्रदेश में नागरिक अधिकार स्थगित कर दिए गए हैं? उन्होंने कहा कि अगर धारा 144 लखीमपुर में है तो लखनऊ में उतरने से क्यों रोक रही है तानाशाह सरकार? मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को अभी दो दिन पहले ही उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बड़ी जिम्मेदारी मिली है। उन्हें विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का वरिष्ठ पर्यवेक्षक बनाया गया है।

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे नृशंस हत्या बताया है। सिंहदेव ने कहा कि भाजपा के इशारे पर अमानवीयता चरम पर है। उन लोगों ने हमेशा अनुचित शक्ति का प्रयोग कर प्रदर्शन कर रहे किसानों को डराने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि इस घटना के दोषियों और भड़काने वाले दोनों को कड़ा से कड़ा दंड मिलना चाहिए।

छत्तीसगढ़ के खाद्य एवं संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में आंदोलनरत किसानों को कुचलने की खबर बेहद हृदय विदारक है। विरोध के स्वर को दबाने के लिए प्राण लेना क्रूरता की पराकाष्ठा है।

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