आयकर विभाग ने  अंबालिका, जरंडेश्वर, पुष्पदंतेश्वर और नंदूरबार चीनी मिल  पर छापेमारी की

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 महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एवं राकांपा के नेता अजीत पवार की तीन बहनों समेत पांच करीबियों के चीनी मिलों और अन्य ठिकानों पर गुरुवार को आयकर विभाग ने छापेमारी की। इन चीनी मिलों के निदेशकों के आवास पर भी छापे मारे गए हैं।

विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि आयकर विभाग ने जिन चीनी मिलों पर छापेमारी की है उनमें- दौंड चीनी मिल, अंबालिका, जरंडेश्वर, पुष्पदंतेश्वर और नंदूरबार चीनी मिल शामिल हैं। खबर लिखे जाने तक कार्रवाई जारी थी। आयकर विभाग की ओर से इस कार्रवाई के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई है।

महाराष्ट्र भाजपा के उपाध्यक्ष डॉ. किरीट सोमैया ने उप मुख्यमंत्री अजीत पवार से जुड़े चीनी मिलों के बारे में आयकर विभाग में शिकायत की थी। इसी आधार पर गुरुवार की सुबह से ही आयकर विभाग की अलग-अलग टीमें पांच चीनी मिलों और इनके निदेशकों के आवास पर छापामारी कर रही हैं। अजीत पवार की बहन विजया पाटिल के कोल्हापुर जिले के राजारामपुरी स्थित मुक्ता पब्लिकेशन में भी छापेमारी जारी है। इसी तरह अजीत पवार की दो बहनों के पुणे स्थित घरों पर भी आयकर की छापेमारी चल रही है।

उप मुख्यमंत्री पवार ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि उनकी बहनों एवं अन्य रिश्तेदारों के चीनी मिलों और अन्य ठिकानों पर आयकर ने छापेमारी की है। आयकर विभाग को अगर शक है तो छापा मारने का अधिकार है। उन्हें अच्छी तरह पता है कि टैक्स कैसे भरा जाता है। अजीत पवार ने कहा कि राजनीति का स्तर इतने निम्र स्तर तक गिर गया है, जिसे लोगों को समझना जरूरी है।

राज्य के जल संसाधन मंत्री एवं राकांपा के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने कहा कि चीनी मिल किसी व्यक्ति विशेष के नहीं वरन किसानों के संगठन के हैं। भाजपा नेता किसी का नाम लेते हैं और दूसरे दिन केंद्रीय एजेंसियां वहां कार्रवाई करती हैं और इसका मीडिया ट्रायल किया जा रहा है। यह सब महाराष्ट्र सरकार को बदनाम करने के लिए सोची समझी रणनीति के तहत किया जा रहा है। जयंत पाटिल ने कहा कि भाजपा ने इससे पहले छगन भुजबल पर भी इसी तरह आरोप लगाया था और उन्हें 28 महीने तक जेल में रखा था, लेकिन छगन भुजबल भाजपा की ओर से लगाए गए सभी आरोपों में कोर्ट से निर्दोष छूटे हैं। इसलिए उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है।

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