Badaun: लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती....गांव की बेटी सोशल मीडिया पर बनी 'बदायूं क्वीन', 21 लाख फॉलोअर

Badaun: लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती....गांव की बेटी सोशल मीडिया पर बनी 'बदायूं क्वीन', 21 लाख फॉलोअर

बदायूं। लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। हरिवंश राय बच्चन की ये पंक्तियां ग्रामीण क्षेत्र की रहने वाली वैष्णवी पटेल के संघर्ष पर सटीक बैठती हैं।

उन्होंने ग्रामीण इलाके में रहकर न सिर्फ अपनी अलग पहचान बनाई बल्कि दूसरे लोगों के लिए भी प्रेरणा बनीं कि आज हर क्षेत्र की महिलाएं निडर होकर हर प्लेटफार्म पर अपना नाम रोशन कर सकती हैं।
वैष्णवी पटेल मूल रूप से मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव बेला की रहने वालीं हैं। उनका गांव शहर से करीब 18 किलोमीटर दूर है। शहर आने-जाने की कोई खास व्यवस्था नहीं है। उन्होंने इंटर तक की पढ़ाई स्थानीय इंटर कॉलेज से की। बाद में बीएससी करने के लिए एनएमएसएन दास कॉलेज में प्रवेश लिया। आने-जाने में दिक्कत होने के कारण पढ़ाई छोड़नी पड़ी। बाद में उन्होंने बीए की प्राइवेट पढ़ाई शुरू की। करीब दो साल पहले वैष्णवी पटेल सोशल मीडिया पर एक्टिव हुईं। तब उनके पास मोबाइल भी नहीं था। उनकी मां सरिता देवी और पिता राकेश कुमार ने एक मोबाइल लेकर दिया। इसके बाद उन्होंने टिकटॉक पर वीडियो बनाकर अपलोड करने शुरू किए। लाईकी और स्नैक एप पर भी वीडियो बनाकर अपलोड की। कुछ ही समय में उनके 41 लाख फॉलोअर हो गए लेकिन पिछले समय यह एप बंद कर दिए गए। इस दौरान उन्होंने 60 हजार रुपये भी कमाए। इस दौरान उन्हें काफी परेशानी हुई लेकिन बाद में कई भारतीय एप शुरू हो गए। आज मोज एप पर वैष्णवी के 21 लाख फॉलोअर हैं। इंस्टाग्राम पर एक लाख 14 हजार, यूट्यूब पर 26 हजार सब स्क्राइबर और टिकी एप पर चार लाख 17 हजार फॉलोअर हो चुके हैं। उनकी अधिकतर स्टोरी 'बदायूं क्वीन' के नाम से हैं।

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यूट्यूब के लिए शूट कर रहीं स्टोरी
इस समय वैष्णवी पटेल यूट्यूब के लिए छोटी-छोटी स्टोरी शूट कर रहीं हैं। इसमें उनका भाई अंश पटेल भी साथ दे रहा है। शहर के कई युवा भी उनसे जुड़ गए हैं और देश भक्ति से संबंधित छोटी-छोटी स्टोरियां बनाकर यूट्यूब पर अपलोड कर रहे हैं। सेना के पराक्रम को बताने वाले वीडियो भी बनाए हैं।
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योगी सेना में महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष भी बनीं
वैष्णवी पटेल कुछ समय के लिए योगी सेना की महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष भी रहीं। इसके लिए उन्हें कहीं भटकने की जरूरत नहीं पड़ी। सोशल मीडिया के माध्यम से ही तमाम कार्यकर्ता उनसे जुड़ गए और उन्होंने महिला मोर्चा की जिम्मेदारी सौंपी। हालांकि अब वह महिला मोर्चा में नहीं हैं।
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लोगों ने सराहे खेत खलिहान के वीडियो
वैष्णवी पटेल ने ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े तमाम वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किए हैं। उन्होंने खेत, खलिहान, नहर, पेड़ पौधे, ट्यूबवैल की लोकेशन पर कई वीडियो बनाए हैं जो विशेष सराहे गए हैं।

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