UP Election 2022 : 2017 में हारी सीटों के लिए मुख्यमंत्री योगी ने शुरू किया नया अभियान, इस प्रकार है खास रणनीति

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

UP Elections: 2017 में 78 ऐसी सीटें ऐसी थी जहां बीजेपी और उसके सहयोगी नहीं जीत पाए थे. 60 से ज्यादा सीटें ऐसी हैं जहां बीजेपी का कमल आज तक नहीं खिला है.

UP Assembly Election 2022: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने इन दिनों एक अभियान शुरू किया है, उन सीटों को लेकर जो 2017 में बीजेपी (BJP) नहीं जीती थी. इसी के तहत मुख्यमंत्री ने सीतापुर, बाराबंकी, कुशीनगर में जनसभाएं की और आज कानपुर और उन्नाव पहुंचकर वहां भी जनसभा करेंगे.

दरअसल, 2017 में 78 ऐसी सीटें ऐसी थी जहां बीजेपी और उसके सहयोगी नहीं जीत पाए थे, फिर उसके बाद ओम प्रकाश राजभर की सुभासपा गठबंधन से अलग हो गई तो उसकी 4 सीटों को भी पार्टी ने हारी हुई सीटों में शामिल कर लिया जिसके बाद ऐसी सीटों की संख्या 82 हो गयी. वहीं उपचुनाव में 2 सीट गंवाने के बाद इन सीटों की संख्या बढ़कर हो 84 गयी. अब इन 84 सीटों पर जीत की अलग रणनीति तैयार की है. इन 84 सीटों में भी 60 से ज्यादा सीटें ऐसी हैं जहां बीजेपी का कमल आज तक नहीं खिला है. अब पार्टी का पूरा फोकस है कि कैसे 2022 में इन सीटों पर भी कमल खिलाया जाए.

इन सीटों पर नहीं जीती बीजेपी

अंबेडकरनगर की अकबरपुर, आजमगढ़ की निजामाबाद सीट, सीतापुर की सिधौली सीट, रायबरेली की हरचंदपुर सीट, लखनऊ की मोहनलालगंज सीट, रायबरेली की रायबरेली सदर सीट, कानपुर की सीसामऊ सीट, आजमगढ़ की आजमगढ़ सदर सीट, प्रतापगढ़ की रामपुर खास सीट, इटावा की जसवंतनगर सीट, रायबरेली की ऊंचाहार सीट, जौनपुर की मल्हनी सीट, आजमगढ़ की अतरौलिया सीट, आजमगढ़ की मुबारकपुर सीट, आजमगढ़ की गोपालपुर सीट शामिल है. जौनपुर की मल्हनी सीट जो पहले रारी विधानसभा थी वहां भी बीजेपी आज तक कभी नहीं जीती. बाराबंकी सदर सीट, इसके अलावा प्रतापगढ़ की कुंडा सीट बीजेपी 1993 के बाद कभी नहीं जीती.

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